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अमेरिका में शपथ ग्रहण से पहले गूगल ने उठाया कदम, 21 जनवरी तक राजनीतिक विज्ञापनों पर रोक

कंपनी ने ये कदम अमेरिका के कैपिटल हिल में हुई हिंसा के बाद उठाया है. विज्ञापनदाताओं को भेजे गए मेल में गूगल की ओर से कहा गया कि पिछले सप्ताह की अभूतपूर्व घटनाओं और 20 जनवरी को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह को देखते हुए हमने ये फैसला लिया है.

गूगल ने राजनीतिक विज्ञापनों पर लगाई रोक (फोटो-PTI) गूगल ने राजनीतिक विज्ञापनों पर लगाई रोक (फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गूगल ने राजनीतिक विज्ञापनों पर लगाई रोक
  • कंपनी ने 21 जनवरी तक लगाई पाबंदी
  • US में जारी घटनाक्रम को देखते हुए रोक

सर्च इंजन गूगल ने 21 जनवरी तक राजनीतिक विज्ञापनों पर रोक लगा दी है. कंपनी ने ये कदम अमेरिका के कैपिटल हिल में हुई हिंसा के बाद उठाया है. विज्ञापनदाताओं को भेजे गए मेल में गूगल की ओर से कहा गया कि पिछले सप्ताह की अभूतपूर्व घटनाओं और 20 जनवरी को अमेरिका में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह को देखते हुए हमने ये फैसला लिया है.

गूगल ने कहा कि वह कैपिटल हिल हिंसा, महाभियोग, शपथ ग्रहण समारोह के संदर्भ में देने वाले राजनीतिक विज्ञापनों को अस्थायी रूप से रोक दिया है. गूगल की ये रोक गुरुवार से प्रभावी होगी. बता दें कि 10 दिसंबर को गूगल ने चुनाव संबंधित विज्ञापनों पर लगे बैन को हटा दिया था. कंपनी ने अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान गलत जानकारियों पर रोक लगाने के लिए ये फैसला लिया था. 

बता दें कि अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे. वहीं, बीते हफ्ते वॉशिंगटन स्थित कैपिटल हिल में डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने जबरदस्त हंगामा किया था. ट्रंप समर्थक हथियारों के साथ कैपिटल हिल में घुस गए, यहां तोड़फोड़ की, सीनेटरों को बाहर किया और कब्जा कर लिया. लंबे संघर्ष के बाद सुरक्षाबलों ने इन्हें बाहर निकाला और कैपिटल हिल को सुरक्षित किया. हिंसा में पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है.

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उधर, राष्ट्रपति डोनोल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही भी शुरू हो गई है. अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने बुधवार को डोनोल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग के लिए सत्र की कार्यवाही शुरू कर दी. अमेरिकी संसद परिसर में हिंसा में डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका को लेकर अमेरिका के निचले सदन में उन पर महाभियोग के लिए वोटिंग होगी. डेमोक्रेट्स ने राष्ट्रपति ट्रंप पर संसद पर हमला करने के लिए अपने समर्थकों को उकसाने का आरोप लगाया. 

एनबीसी न्यूज के मुताबिक 215 डेमोक्रेट्स सांसद और 5 रिपब्लिकन सांसदों ने ट्रंप के खिलाफ महाभियोग का समर्थन किया है. महाभियोग के लिए 218 मतों की जरूरत होती है. इन सभी घटनाक्रमों के बीच गूगल ने विज्ञपानों को लेकर ये कार्रवाई की है.


 

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