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चीन ने कनाडा में भी खोल दिए अपने पुलिस थाने! सरकार ने शुरू की जांच

अमेरिका और नीदरलैंड के बाद कनाडा पुलिस ने भी कथित चीनी पुलिस थानों के संचालित होने की खबरों के बाद जांच शुरू कर दी है. कुछ समय पहले एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि दुनिया के कई बड़े शहरों में चीन अपने पुलिस थाने चला रही है. इस रिपोर्ट के बाद नीदरलैंड और अमेरिका ने इस मामले में पहले ही जांच शुरू कर दी थी. कनाडा में पुलिस थानों के मुद्दे पर फिलहाल चीन की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

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फोटो- चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग
फोटो- चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग

अमेरिका और नीदरलैंड के बाद कनाडा पुलिस भी कथित तौर पर चल रहे चीनी पुलिस थानों की जांच में जुट गई है. दरअसल, कुछ समय पहले एक संस्था की रिपोर्ट आई थी जिसमें दावा किया गया था कि दुनिया के कई बड़े शहरों में चीन अपने पुलिस थाने चला रही है. इस रिपोर्ट के बाद नीदरलैंड और अमेरिका ने इस मामले में जांच भी शुरू कर दी थी. इसके बाद चीन ने भी बयान जारी किया था जिसमें उसने कहा था कि वह कोई पुलिस थाने नहीं बल्कि चीनी नागरिकों की मदद के लिए बनाए गए हेल्प सेंटर हैं. 

कनाडा पुलिस ने इस मामले में कहा कि ग्रेटर टोरंटो इलाके में चीनी पुलिस थानों के संचालित होने की रिपोर्ट्स की जांच की जा रही है. पुलिस के अनुसार, रिपोर्ट्स में कहा गया था कि ग्रेटर टोंरटो इलाके में चीनी पुलिस थाने कनाडा की सुरक्षा के लिए खतरा हैं. ऐसे में कनाडा पुलिस इस मामले में पूरी तरह से जांच में जुट गई है.  

सितंबर में आई रिपोर्ट में हुआ था बड़ा खुलासा

यूरोप की मानवाधिकार संस्था सेफगार्ड डिफेंडर्स की रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया था. सितंबर में आई रिपोर्ट में कहा गया कि दुनिया के कई बड़े शहरों में चीनी पुलिस सर्विस थाने संचालित किए जा रहे हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, इन थानों को खोलने के पीछे विदेश में रहने वाले कुछ ऐसे चीनी नागरिकों और उनके रिश्तेदारों पर वापस लौटने का दबाव डालना भी है जिन पर किसी तरह का मुकदमा चल रहा है.

चीनी पुलिस थानों को लेकर क्या बोली कनाडा पुलिस ?

कनाडा पुलिस ने इस मामले में बयान जारी करते हुए कहा, ''हमारा मकसद किसी विदेशी संस्था की ओर से कनाडा के किसी भी समुदाय को दी जाने वाली धमकियों, प्रताड़नाओं और नुकसान को रोकना है.

चीन ने पहले बताया था इन सेंटर्स को खोलने का कारण

वहीं, कनाडा में चीनी दूतावास की ओर से अभी तक इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. हालांकि इससे पहले जरूर चीन की सरकार की ओर से इस मामले पर प्रतिक्रिया दी गई थी. चीन ने कहा था कि यह सेंटर्स विदेश में रहने वाले चीनी नागरिकों की सहायता के लिए खोले गए थे.

चीन ने कहा था कि यह किसी भी तरह से पुलिस थाने नहीं हैं. इन सेंटर्स का काम सिर्फ चीनी नागरिकों के जरूरी दस्तावेजों को रिन्यू करने में मदद करना और साथ में उन सेवाओं को प्रदान करना है जो कोरोना महामारी की वजह से बाधित हो गई थीं.

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