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Britain: ऋषि सुनक को प्रधानमंत्री बनते नहीं देखना चाहते बोरिस जॉनसन, बोले- किसी भी सूरत में ना करें सपोर्ट

बोरिस जॉनसन ने ऋषि सुनक के खिलाफ खुली बगावत कर दी है. बोरिस जॉनसन किसी दूसरे उम्मीदवार का समर्थन कर सकते हैं, लेकिन वे ऋषि को सपोर्ट करने के मूड में नहीं दिख रहे.

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बोरिस जॉनसन और ऋषि सुनक बोरिस जॉनसन और ऋषि सुनक
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दो राउंड के बाद बढ़त बनाए हुए हैं ऋषि सुनक
  • सत्ता गंवाने के लिए ऋषि को जिम्मेदार मान रहे जॉनसन

ब्रिटेन में प्रधानमंत्री रेस की लड़ाई दिलचस्प होती जा रही है. भारतीय मूल के ऋषि सुनक दो राउंड के बाद एक अच्छी बढ़त बनाए हुए हैं लेकिन उनकी राह में चुनौतियां भी हैं. एक चुनौती तो बोरिस जॉनसन ही हैं जो ऋषि सुनक को बतौर प्रधानमंत्री नहीं देखना चाहते.

खबर है कि बोरिस जॉनसन, सुनक को छोड़कर किसी भी दूसरे उम्मीदवार का समर्थन करने को तैयार हैं. उनकी तरफ से दूसरे उम्मीदवारों से कहा जा रहा है कि किसी भी कीमत पर सुनक का समर्थन ना करें. अब बोरिस के इस रुख को लेकर कहा जा रहा है कि वे अपनी सत्ता जाने के पीछे ऋषि को ही मुख्य कारण मान रहे हैं.

बोरिस जॉनसन का मानना है कि पिछले कुछ महीनों से ऋषि उन्हें सत्ता से बेदखल करने की कोशिश में थे. ऋषि की वजह से ही उनको प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा. एक रिपोर्ट में यहां तक दावा किया गया है कि बोरिस जॉनसन, साजिद जावेद को सत्ता गंवाने के लिए जिम्मेदार नहीं मानते.

बोरिस जॉनसन अपने सत्ता जाने के लिए सिर्फ ऋषि सुनक को ही जिम्मेदार मान रहे हैं. उनका सारा गुस्सा ऋषि की तरफ है. इस बात का गुस्सा ज्यादा है कि एक तय रणनीति के तहत बोरिस को सत्ता से बेदखल कर दिया गया. बड़ी बात ये है कि बोरिस जॉनसन, ऋषि सुनक का तो विरोध कर रहे हैं लेकिन विदेश सचिव Liz Truss को पीएम बनाने पर काफी जोर भी दे रहे हैं.

ऋषि को लेकर उनका विरोध इतना ज्यादा है कि वे इस समय जूनियर ट्रेड मिनिस्टर Penny Mordaunt का समर्थन करने को भी तैयार दिख रहे हैं. इस बारे में जब जॉनसन के एक साथी से बात की गई तो उन्होंने ये बात तो स्वीकार की है कि केयरटेकर पीएम ऋषि को लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं हैं. वे मानते हैं कि उनके साथ धोखा हुआ है, लेकिन ऐसा नहीं है कि वे ऋषि के अलावा किसी को भी पीएम बनते हुए देख सकते हैं.

अभी के लिए ऋषि सुनक की स्थिति काफी मजबूत दिखाई देती है. लगातार दो राउंड में उन्हें सर्वधिक वोट मिले हैं. दूसरे राउंड की बात करें तो भारतीय मूल की सुएला ब्रेवमैन को टोरी पार्टी के नेतृत्व की इस रेस में सबसे कम वोट मिले और वे इस दौर से बाहर हो गईं. सबसे ज्यादा वोट ऋषि सुनक को मिले. सुनक को 101 वोट और दूसरे स्थान पर रहीं पेनी मोर्डोंट को 83 वोट मिले. लिज ट्रस को 64, केमी बेडोनोच को 49 वोट और टॉम तुगेंदत को 32 वोट मिले. 

लेकिन अभी ये रेस यहीं पर समाप्त नहीं होने वाली है. वोटिंग का ये दौर ऐसे ही जारी रहने वाला है. अगले 5 दिन में 3 बार वोटिंग होगी. हर बार सबसे कम वोट पाने वाले उम्मीदवार बाहर होते चले जाएंगे. कहा जा रहा है कि 21 जुलाई तक इस प्रक्रिया को पूरा किया जा सकता है.

जब इस प्रक्रिया में सिर्फ दो उम्मीदवार रह जाएंगे, तब पीएम बनने की ये रेस और ज्यादा दिलचस्प बन जाएगी. असल में इस समय ब्रिटेन में टोरी पार्टी की सरकार है. जब इस रेस में सिर्फ दो उम्मीदवार रह जाएंगे, वे पूरे देश में जाकर कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्यों से वोट मांगेंगे. दोनों उम्मीदवारों में जो भी पार्टी का नेता बनेगा, वही देश का पीएम होगा और बोरिस जॉनसन की जगह लेगा.

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