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कड़ी मेहनत कर ऑटो मैकेनिक बना डॉक्टर, इमरजेंसी में लगी ड्यूटी!

ऑटो मैकेनिक, कड़ी मेहनत की बदौलत डॉक्टर बनने में कामयाब हो गया है. वह उम्र के पांच दशक देखने के बाद डॉक्‍टर बना है. उसकी कहानी लोगों को प्रेरणा दे रही है. ट्रेनिंग पूरी करने के बाद, 'अटेंडिंग फिजिशयन' के तौर पर इमरजेंसी में ड्यूटी लगी है. शख्स ने हौसलाअफजाई के लिए पत्नी को शुक्रिया कहा है.

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कार्ल अलांबी कभी मैकेनिक थे, अपनी मेहनत के दम पर डॉक्‍टर बने (Credit: Dr. Carl Allamby)
कार्ल अलांबी कभी मैकेनिक थे, अपनी मेहनत के दम पर डॉक्‍टर बने (Credit: Dr. Carl Allamby)

एक ऑटो मैकेनिक ने बचपन में सपना देखा था कि वह डॉक्‍टर बनेगा. आखिरकार, 51 साल की उम्र में शख्स ने अपना सपना पूरा किया. 19 से 25 साल की उम्र के बीच उन्‍होंने बतौर मैकेनिक अपनी दुकान चलाई. इस दौरान उन्‍होंने जीवन के कई उतार-चढ़ाव देखे. मैकेनिक से डॉक्‍टर बने इस शख्‍स की कहानी अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है. 

'फॉक्‍स न्‍यूज' ने मैकेनिक से डॉक्‍टर बने कार्ल अलांबी (Dr. Carl Allamby) से बात की. अलांबी ने डॉक्‍टर बनने के इस सफर के पीछे अपने परिवार, विशेष तौर पर पत्‍नी किम को क्रेडिट दिया. क्‍योंकि उनकी वजह से कार्ल का सपना सच हो सका. वह लगातार उन्‍हें मोटिवेट करती थीं. कार्ल की पत्‍नी पेशे से थेरेपिस्‍ट हैं.  

कार्ल बचपन में ईस्‍ट क्‍लेवलैंड, ओहियो (अमेरिका) में रहते थे. कार्ल ने बचपन में सपना देखा था कि वह डॉक्‍टर बनेंगे. लेकिन गरीबी की वजह से उन्होंने ऑटो रिपेयर शॉप की दुकान खोली, मैकेनिक बनने के बावजूद सपना उनके अंदर जिंदा रहा. 

डॉ कार्ल ने बताया कि उनके पिता सेल्‍समैन का काम करते थे. मां घर पर पांचों भाई-बहनों की देखभाल करती थीं. डॉ कार्ल ने बताया कि उन्‍होंने बचपन से पैसों की तंगी देखी थी. कई दिन तो ऐसे भी रहे, जब घर में लाइट, गैस और पानी कुछ भी नहीं था. 

वह बनना तो डॉक्टर ही चाहते थे, लेकिन हालात कठिन थे. पर उनके मां-बाप ने एक चीज सिखाई थी कि जितनी कठिन मेहनत कर सकते हो करो, क्‍योंकि इसी से आपके सपने पूरे हो सकते हैं. 

19 साल की उम्र में खोली अपनी दुकान 
डॉ कार्ल जब हाईस्‍कूल में थे तो उन्‍हें कार पार्ट्स के स्‍टोर में नौकरी मिल गई. यहीं रहते हुए उन्‍होंने गाड़ि‍यों की रिपेयरिंग और मेंटिनेंस का काम सीखा. इस दौरान उन्‍होंने कई नौकरियां कीं. फिर एक दिन उन्‍होंने सोचा कि वह खुद का बिजनेस शुरू करेंगे. 

19 साल की उम्र में उन्‍होंने अपनी दुकान खोली और नाम रखा 'अलांबी ऑटो सर्विस'. मैकेनिक का काम उन्‍होंने 25 साल की उम्र तक किया. इसी दौरान उन्‍होंने शादी की और उनके बच्‍चे भी हुए. इसके बाद वह पड़ाव आया, जब वह स्‍टूडेंट बने. इस दौरान वह दिन में काम करते थे और रात में पढ़ाई. 

साल 2006 में वह 34 साल के हो चुके थे. उन्‍होंने उर्सलीन कॉलेज में कॉलेज में एडमिशन लिया ताकि उन्‍हें बिजनेस की डिग्री मिल सके. लेकिन एसोसिएशन ऑफ अमेरिकन मेडिकल कॉलेज (Association of American Medical Colleges) के मुताबिक डिग्री पूरी करने के लिए उन्‍हें बायोलॉजी लेना जरूरी था.  

इसके बाद कार्ल अलांबी ने ओहियो में मौजूद कुयाहोगा कम्युनिटी कॉलेज (Cuyahoga Community College) में प्री-मेडिकल क्‍लास की कोचिंग लेनी शुरू की. कार्ल ने बताया कि ह्यूमन बॉडी के बारे में जानना उन्‍हें हमेशा से ही रोचक लगता था. 

इसके बाद उन्‍होंने मेडिसिन में एडमिशन लिया और क्‍लेवलैंड इलाके में वॉलेंटियर के तौर पर काम करना शुरू कर दिया. सबसे पहले उनकी ड्यूटी बच्‍चों के वार्ड में लगी. इसके बाद उन्‍होंने वॉलेंटियर के तौर पर इमरजेंसी, यूरोलॉजी, न्‍यूरोलॉजी डिपार्टमेंट में भी अपनी सेवा दी.

मोटर मैकेनिक से मेडिसिन की दुनिया
अलांबी को क्‍लीवलैंड स्‍टेट यूनिवर्सिटी के एक प्रोगाम में एडमिशन मिल गया, इस प्रोगाम के माध्‍यम से वह वह मेडिकल स्‍कूल की तैयारी कर सकते थे. साल 2015 में उनका नॉर्थईस्‍ट ओहियो मेडिकल यूनिवर्सिटी में एडमिशन हो गया. इस दौरान वह पति और 4 बच्‍चों के पिता की जिम्‍मेदारी भी निभा रहे थे.

फिर वह दिन आया जब वह 47 साल की उम्र में मेडिकल यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हुए. 2019 में उन्‍होंने 'इमरजेंसी मेडिसिन रेसीडेंसी' शुरू की. 2022 में जाकर उनका सपना पूरा हुआ, जब बतौर 'अटेंडिंग फिजिशियन' डॉक्‍टर उनकी ड्यूटी इमरजेंसी रूम में लगी.

 

 

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