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Apple Engineer Quits Job: 6 करोड़ रुपये पैकेज वाली नौकरी को मारी ठोकर, कंपनी ने कहा था ऑफिस से काम करो अब

Apple के इस इंजीनियर के इस्तीफे से ज्यादा उनकी सैलरी पर चर्चा हो रही है. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि वर्क फ्रॉम होम का कल्चर इतना पसंद आ रहा है कि करोड़ों रुपये के पैकेज वाली नौकरियां भी छोड़ने में लोग देर नहीं लगा रहे हैं.

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Apple Engineer के सैलरी की चर्चा हो रही है Apple Engineer के सैलरी की चर्चा हो रही है
स्टोरी हाइलाइट्स
  • एप्पल के इंजीनियर ने दिया इस्तीफा
  • करोड़ो रुपये का था पैकेज

कोरोनावायरस के संक्रमण के चलते बीते दो सालों में कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को  'वर्क फ्रॉम होम' की सुविधा दी है. कुछ लोगों को ये इतना पसंद आ रहा है कि ऑफिस बुलाने पर वो करोड़ों रुपये के पैकेज वाली नौकरी भी सेकेंडों में छोड़ दे रहे हैं. ऐसा ही एक मामला  एप्पल कंपनी (Apple) में सामने आया है.

इऑन गुडफेलो (Ian Goodfellow) जो कि एप्पल में मशीन लर्निंग के सीनियर इंजीनियर हैं उनको जब कंपनी की ओर से ऑफिस में काम करने को कहा गया तो उन्होंने नौकरी से रिजाइन दे दिया. हालांकि उनके इस्तीफे के बाद से उनकी सैलरी पर चर्चा शुरू हो गई. उनकी पिछली नौकरी की सैलरी के हिसाब से अंदाजा लगाया जा रहा है कि एप्पल उनको कम से कम  6 से 7 करोड़ रुपये सालाना का पैकेज दे रही थी. 

अमेरिकी मीडिया में आई खबरों के मुताबिक 23 मई से एप्पल में फिर से हाइब्रिड वर्क मोड शुरू हो रहा है. जिससे ईऑन गुडफेलो खुश नहीं हैं. हालांकि एप्पल की ओर से कहा गया है कि हफ्ते में सिर्फ 3 ही दिन ऑफिस में काम करना है. लेकिन फिर भी इऑन गुडफेलो को ये नागवार गुजरा है. उनका मानना है कि काम में वर्क फ्राम होम में फ्लेक्सिबलिटी रहती है और यही सबसे अच्छा तरीका है.

बता दें कि इऑन गुडफोलो एप्पल में किसी छोटी-मोटी पोस्ट में नहीं थे. वो इस समय मशीन लर्निंग के डायरेक्टर की जिम्मेदारी निभा रहे थे. उन्होंने ईमेल में लिखा है कि उनके इस्तीफे की जिम्मेदार एप्पल है जो कि कर्मचारियों को ऑफिस बुलाने के लिए जिद पर अड़ी है. 

इऑन गुडफेलो एप्पल  से पहले गूगल और टेस्ला की कंपनी ओपेन एआई (OpenAI) में कर चुके हैं. ये दोनों ही कंपनियां टैलेंट की एवज में कर्मचारियों को करोड़ों रुपये का पैकेज देने के लिए जानी जाती हैं. न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक साल 2016 में  जब इऑन ओपेन एआई में काम कर रहे थे तो उनकी सैलरी वहां करीब $800000 थी. इसके बाद वह गूगल में चले गए और फिर गूगल ज्वाइन कर लिया. साल 2019 में वह गूगल को छोड़कर एप्पल में आए गए. इसलिए लिहाज से अगर देखा जाए तो उनका एप्पल में कम से कम 1 मिलियन यूएस डॉलर का पैकेज आंका जा रहा है जो कि भारतीय रुपयों में 6 से 8 करोड़ के बीच हो सकता है.

 

 

 

 

 

 

 

 

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