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अमेरिकी हमले में अल-कायदा प्रमुख जवाहिरी के साथ मारे गए हक्कानी परिवार के सदस्य, अफगान दूत का दावा 

अमेरिका के सीक्रेट हमले में अल-कायदा प्रमुख जवाहिरी के साथ हक्कानी परिवार के लोग भी मारे गए. इसका दावा ताजिकिस्तान में अफगान राजदूत मोहम्मद जहीर ने किया है. हक्कानी नेटवर्क जलालुद्दीन हक्कानी ने सोवियत विरोधी युद्ध के दौरान स्थापित किया था.

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अफगान दूत मोहम्मद जहीर अघबर (फोटो: रॉयटर्स) अफगान दूत मोहम्मद जहीर अघबर (फोटो: रॉयटर्स)

अमेरिका के ड्रोन हमले में अल-कायदा नेता अयमान अल-जवाहिरी के साथ हक्कानी परिवार के सदस्य भी मारे गए थे. ताजिकिस्तान में अफगानिस्तान के राजदूत मोहम्मद जहीर अघबर ने इसको लेकर दावा किया है. हक्कानी नेटवर्क जलालुद्दीन हक्कानी द्वारा स्थापित किया गया एक इस्लामी आतंकवादी संगठन है, जो सोवियत विरोधी युद्ध के दौरान विद्रोही कमांडर के रूप में उभरा था. 

राजदूत मोहम्मद जहीर ने इंडिया टुडे को बताया, "काबुल से मिली रिपोर्ट के मुताबिक, हक्कानी समूह के कुछ परिवार के सदस्य अमेरिकी हमले में मारे गए थे. वह घर हक्कानी का था और वे काबुल से चले गए हैं." काबुल के जिस बहुमंजिला बंगले में अल-कायदा नेता जवाहिरी छिपा हुआ था, वह अफगानिस्तान के गृह मंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी के करीबी सहयोगी के पास था. 

अफगान दूत के अनुसार, सिराजुद्दीन हक्कानी और अन्य शीर्ष नेता काबुल में सुरक्षित घरों को छोड़कर कहीं और चले गए हैं, यह कहते हुए कि कई आतंकवादी समूह अभी भी अफगानिस्तान में मौजूद हैं. उन्होंने कहा, "जवाहिरी की हत्या अफगानिस्तान के लोगों के लिए महत्वपूर्ण नहीं है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय को जानना चाहिए कि तालिबान के संरक्षण में अफगानिस्तान में आतंकवाद बढ़ रहा है. 

पाक- अमेरिका को लेकर भी बोले अफगान दूत

अल-कायदा नेताओं के ठिकाने का खुलासा करने में पाकिस्तान की मिलीभगत के बारे में बोलते हुए अफगान दूत ने कहा कि चूंकि पाकिस्तान अमेरिका का रणनीतिक साझेदार है. इसलिए वह अफगानिस्तान के भीतर बहुत सी चीजों तक आसानी से पहुंच सकता है. उन समूहों की सराहना करें जिन्होंने अमेरिका को जवाहिरी के ठिकाने की जानकारी दी. इसने तालिबान का पर्दाफाश किया है." 

2 अगस्त को CIA ने किया था सीक्रेट ऑपरेशन

अमेरिका की केंद्रीय खुफिया एजेंसी (CIA) ने 2 अगस्त को अफगानिस्तान में ड्रोन हमले में अलकायदा चीफ अयमान अल-जवाहिरी को मार गिराया. इस ऑपरेशान की जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने दी थी. अमेरिकी अधिकारियों ने बताया था कि 2011 में ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद अलकायदा को सबसे बड़ा झटका लगा है. 

 

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