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अफगानिस्तान के कई शहर अंधेरे में डूबे, बिजली बिल चुकाने में फेल हो रहा तालिबान?

पहली वजह तो ये है कि तालिबान सरकार  एशियाई देशों का करीब 6.2 करोड़ डॉलर के बिजली बिलों का भुगतान नहीं कर पा रही है. वहीं दूसरी वजह ये है कि अफगानिस्तान की ज्यादातर बिजली सप्लाई उज्बेकिस्तान की तरफ से होती है.

अफगानिस्तान के कई शहर अंधेरे में डूबे ( सांकेतिक फोटो) अफगानिस्तान के कई शहर अंधेरे में डूबे ( सांकेतिक फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अफगानिस्तान में बिजली संकट आया
  • कई शहर अंधेरे में डूबे, जनता परेशान
  • कर्ज में डूबता जा रहा अफगानिस्तान का बिजली बोर्ड

अफगानिस्तान में जब से तालिबान की सरकार बनी है, आम अफगानों की जिंदगी दुर्भर होती जा रही है. एक तरफ देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है, तो वहीं दूसरी तरफ अब वहां पर बिजली सप्लाई भी लगातार बाधित होती दिख रही है. अफगानिस्तान के कई शहरों में बिजली संकट देखने को मिल रहा है. लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हो गए हैं. अब इसकी दो वजह बताई जा रही है.

अफगानिस्तान में बिजली संकट

पहली वजह तो ये है कि तालिबान सरकार एशियाई देशों का करीब 6.2 करोड़ डॉलर के बिजली बिलों का भुगतान नहीं कर पा रही है. वहीं दूसरी वजह ये है कि अफगानिस्तान की ज्यादातर बिजली सप्लाई उज्बेकिस्तान की तरफ से होती है. लेकिन किसी टेक्निकल एरर की वजह से वहां से बिजली सप्लाई नहीं हो पा रही है और अफगानिस्तान के कई शहरों में अंधेरा छा गया है.

अब यहां पर ये जानना जरूरी है कि अफगानिस्तान में बिजली संकट कोई नई समस्या नहीं है. पिछली सरकारों के दौरान भी ऐसी मुसीबत देखने को मिली है. तब भी भारी कर्ज की वजह से कई बार बिजली बाधित होती देखी गई है. लेकिन अब क्योंकि अफगानिस्तान की सरकारी बिजली कंपनी 'दा अफगानिस्तान ब्रेशना शेरफत' पर तालिबान का कब्जा है, ऐसे में तमाम कर्ज भी उन्हीं सिर चढ़ गए हैं और अब जब तक उनका भुगतान नहीं हो जाता, ऐसी दिक्कतें लगातार आती रहेंगी.

क्या कह रहा है तालिबान?

वैसे अफगानिस्तान के बिजली बोर्ड के अधिकारी कह रहे हैं कि उनके पास एक प्लान तैयार है. वे समय रहते सभी का कर्जा भी चुका देंगे. जोर देकर कहा जा रहा है कि एक बार कर्जा भुगतान होते ही अफगानिस्तान को लगातार बिजली सप्लाई मिलती रहेगी. जानकारी के लिए बता दें कि कुछ दिन पहले भी काबुल समेत कई शहर अंधेरे में डूब गए थे. तब भी तमाम तरह के तर्क दिए गए थे, लेकिन स्थिति का कोई समाधान नहीं निकाला गया. अब जब फिर अंधेरा छा गया है तो तालिबान सरकार अपने किसी नए प्लान की बात कर रही है. अब उस प्लान से आम अफगानों की जिंदगी में कितना उजाला आता है, ये समय बताएगा.

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