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यहां किस डर से अपनी बेटियों के लिए गर्भनिरोधक गोलियां खरीद रहीं महिलाएं?

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में महिलाओं को गर्भपात का अधिकार देने वाले पचास साल पुराने रो बनाम वेड केस के फैसले को पलट दिया था. इस फैसले के बाद महिलाओं के लिए गर्भपात का अधिकार दोबारा गैरकानूनी हो गया है.

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(Photo: AP) (Photo: AP)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सुप्रीम कोर्ट के रो बनाम वेड फैसले के बाद बढ़ी बिक्री
  • नियम कड़े होने के डर से स्टॉक कर रही महिलाएं

अमेरिका में रो बनाम वेड फैसले को पलटने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद गर्भ नियंत्रण, इमरजेंसी गर्भनिरोधक पिल्स और गर्भपात की गोलियों की मांग तेजी से बढ़ी है. देश में अबॉर्शन से जुड़े नियमों को कड़ा किए जाने की वजह से महिलाओं और परिजनों ने इन गर्भनिरोधक और गर्भपात गोलियों को स्टॉक करना शुरू कर दिया है. कुछ क्लीनिक्स का कहना है कि उनके यहां अपॉइन्टमेंट की संख्या में चार गुना बढ़ोतरी हुई है.

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद गर्भनिरोधक गोलियों की मांग को लेकर क्लीनिक जस्ट द पिल को एक घंटे में 100 रिक्वेस्ट आ रही हैं.

'बेटी के लिए गर्भनिरोधक गोलियां जमा कर रही'

केटी थॉमस नाम की महिला का कहना है कि यह जानने के बाद कि देश में गर्भपात गैरकानूनी हो जाएगा, उन्होंने अपनी 16 साल की बेटी के लिए गर्भनिरोधक गोलियां खरीदी हैं.

केटी ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया, मैंने बेटी की अनचाही प्रेग्नेंसी के डर से ये गर्भनिरोधक पिल्स खरीदी हैं. मैं किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहती हूं.

केटी का कहना है कि अगर उसके 21 साल के बेटे और उसकी प्रेमिका को कभी जरूरत पड़ी तो उस स्थिति में भी मैंने इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव प्लान बी पिल्स स्टॉक करनी शुरू कर दी है. 

केटी का कहना है कि वह जल्द ही और पिल्स भी खरीदेंगी.

अटलांटा में प्लान्ड पेरेंटहुड साउथईस्ट की प्रवक्ता लॉरेन फ्रेजियर का कहना है कि ऐसी महिलाओं की तादाद बढ़ी हैं, जो ये जानना चाहती हैं कि वे कितनी गोलियां स्टॉक कर सकती हैं. 

गर्भपात और अन्य स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने वाली संस्थाओं ने महिलाओं को चेतावनी दी है कि वे इस तरह से गर्भनिरोधक गोलियों को स्टॉक नहीं करें. जरूरतमंदों के लिए बाजार में स्टॉक मौजूद रहना चाहिए.

देश के छह राज्यों में ऑनलाइन अबॉर्शन पिल्स डिलीवर करने वाले स्टार्टअप हे जेन का कहना है कि शुक्रवार को उनकी वेबसाइट पर ट्रैफिक 1,000 फीसदी तक बढ़ गया. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मरीजों की मांग दोगुनी हो गई है.

अमेरिका के 13 राज्यों ने पहले ही नए नियमों को लागू कर दिया है. इन राज्यों में अलाबामा, अरकांसस, केंटकी, लुइसियाना, मिसौरी भी हैं.

जस्ट द पिल ने अपनी वेबसाइट पर जारी बयान में कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले को तवज्जो नहीं देते और जरूरतमंदों की मदद करना जारी रखेंगे. हम यहां आपके लिए मौजूद हैं.

बयान में कहा गया, आप मिनेसोटो, मोंटाना, व्योमिंग और कोलोराडो में हमारी सेवाएं ले सकते हैं. 

बता दें कि फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने गर्भावस्था के शुरुआती 10 हफ्तों में गर्भपात को अभी भी वैध रखा है.

अमेरिका में अभी भी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ प्रदर्शन जारी हैं. 

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में महिलाओं को गर्भपात का अधिकार देने वाले पचास साल पुराने रो बनाम वेड केस के फैसले को पलट दिया था. 

इस फैसले के बाद महिलाओं के लिए गर्भपात का अधिकार दोबारा गैरकानूनी हो गया है. हालांकि, हर राज्य अपने हिसाब से गर्भपात को लेकर अलग-अलग नियम बनाने को लेकर स्वतंत्र हैं. 

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का अमेरिका सहित दुनियाभर के देशों में विरोध हो रहा है. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा भी इस फैसले की निंदा कर चुके हैं. 

उन्होंने इस फैसले को लाखों अमेरिकियों की आजादी पर हमले के समान बताया था.

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