सुनीता विलियम्स को धरती पर आने पर होंगी ये मुश्किलें, रिकवर होने में लगेगा इतना वक्त

16 Mar 2025

भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 19 मार्च को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से धरती पर वापस लौटेंगी.

शुक्रवार को एलन मस्क की स्पेस एजेंसी SpaceX का रॉकेट फॉल्कन 9 भारतीय समय अनुसार करीब 4:30 बजे लॉन्च कर दिया गया.

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से इसे लॉन्च किया है. इस मिशन को क्रू-10 नाम दिया गया है.

आपको बता दें कि जब कोई  एस्ट्रोनॉट धरती पर लौटता है तो उसकी बॉडी में कई तरह के बदलाव होते हैं, इसके साथ ही कई तरह की मुश्किलें देखने को मिलती हैं. 

अंतरिक्ष से वापस आने के बाद कई बार एस्ट्ऱॉनॉट चल भी नहीं पाते हैं, ऐसे में उसके साथी उसे उठा कर ले जाते हैं. 

धरती पर हम हर रोज चलते-उठते-बैठते हैं, ऐसे में हमारी मांसपेशियां एक्टिव होती हैं. लेकिन, अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहने के बाद अंतरिक्ष यात्रियों को मस्कुलर वीकनेस होने लगती है.

अंतरिक्ष में एस्ट्रोनॉट पूरे समय उड़ते रहते हैं. ऐसे में धरती पर वापस आने के बाद उन्हें चलने और बैठने में काफी दिक्कत आती है. कई बार खड़े होने पर एस्ट्रोनॉट गिर भी जाते हैं.

काफी दिनों तक अंतरिक्ष में रहने के बाद एस्ट्रोनॉट्स को आंखों में दिक्कत होने लगती है. अंतरिक्ष में ग्रेविटी ने होने के कारण आंखों से निकलने वाली आंसू जमीन पर नहीं गिरती है.

अंतरिक्ष से आने के बाद अंतरिक्ष यात्री का इम्यून सिस्टम काफी कमजोर हो जाता है. इसके साथ ही हाई लेवल रेडिएशन से कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा, डीएनए में बदलाव, कार्डियोवैस्कुलर प्रॉब्लम, मानसिक बीमारियां हो सकती हैं. 

कई बार आंख, पैर, हाथ में कोआर्डिनेशन बनाए रखने में दिक्कत आती है. धरती पर लौटने के बाद एस्ट्रोनॉट नॉर्मल लाइफ जीने में  45 दिन से लेकर कई महीने तक लग सकता है.

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