26th November 2021 Photos: PTI/PRO Defence /SpokespersonNavy By: Siddharth Rai

इंडियन नेवी को मिला समंदर का 'साइलेंट किलर'

भारतीय नौसेना को 25 नवंबर 2021 को आईएनएस वेला हमलावर पनडुब्बी मिल गई. 

यह एक डीजल-इलेक्ट्रिक अटैक सबमरीन है, जिसे रक्षा एक्सपर्ट साइलेंट किलर का नाम दे रहे हैं. 

यह चकमा देकर हमला करने में माहिर है. समुद्र में जब यह गोता लगाती है तो दुश्मन को इसके आने की खबर नहीं लगती. 

आईएनएस वेला को चीफ ऑफ नेवल स्टाफ एडमिरल करमबीर सिंह की मौजूदगी में भारतीय नौसेना को सौंपा गया. 

आईएनएस वेला 221 फीट लंबी है. इसका बीम 20 फीट का है. ऊंचाई 40 फीट और ड्रॉट 19 फीट का है. 

इसे ताकत देने के लिए बेहतरीन इंजन लगाया गया है ताकि बिना आवाज के यह तेज गति से दुश्मन की तरफ हमला कर सके.

यह समुद्र के ऊपर 15 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से एक बार में 12 हजार किलोमीटर की यात्रा कर सकती है. 

पानी के अंदर यह 7.4 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से 1020 किलोमीटर की यात्रा करने में सक्षम है. 

INS Vela पानी के अंदर 50 दिनों तक रह सकती है. यह अधिकतम 1150 फीट की गहराई तक गोता लगाने में सक्षम है. 

पनडुब्बी के जरिए 30 समुद्री माइन्स भी तैनात किए जा सकते हैं. ये दुश्मन के जहाज या पनडुब्बी से टकराते ही फट पड़ते हैं. 

इसमें एंटी-शिप मिसाइलें तैनात की जा सकती हैं. ये पनडुब्बी के अंदर से निकल कर सीधे दुश्मन के जहाज या युद्धपोत पर हमला करती हैं. 

इन मिसाइलों की रफ्तार 1148 KM/H होती है. यानी एक बार अगर ये लॉन्च हो गई तो दुश्मन को बचने के लिए ज्यादा समय नहीं मिलता. 

नई आईएनएस वेला से पहले भारत के पास इसी नाम की पनडुब्बी साल 1973 में थी. उसने साल 2010 तक भारतीय नौसेना के लिए काम किया. 

INS Vela मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत बनाई गई है. वेला एक प्रकार की भारतीय मछली है, जो स्टिंग-रे फैमिली में आती है. 

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