5 May 2026
Photo:Pexel
भारत में आम का सीजन आ गया है, लेकिन इसकी दीवानगी सिर्फ भारत में ही नहीं, पूरी दुनिया में है.
Photo:Pexel
आम के उत्पादन का सिर्फ 1% ही निर्यात होता है. इसी कमी के कारण विदेशों, खासकर अमेरिका में भारतीय आमों को लेकर भारी डिमांड और खरीदारी की होड़ देखने को मिलती है.
Photo:Pexel
The Wall Street Journal की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में भारतीय आम खरीदना किसी मिशन से कम नहीं है.
Photo:Pexel
रिपोर्ट बताती है कि आम की नई खेप आने की सूचना मिलती है, लोग फ्लाइट ट्रैक करने लगते हैं. शिपमेंट कब पहुंचेगा, यह जानने के लिए वे एयर कार्गो अपडेट तक फॉलो करते हैं.
Photo:Pexel
कई लोग मीटिंग्स और काम छोड़कर सीधे वेयरहाउस या स्टोर्स की तरफ दौड़ पड़ते हैं. उनका मकसद होता है कि दूसरों से पहले आम खरीद लें, क्योंकि स्टॉक बहुत जल्दी खत्म हो जाता है.
Photo:Pexel
कारफैक्स के अधिकारी नकुल गोयल के मुताबिक, जैसे ही शिपमेंट की खबर मिलती है, वे तुरंत अपना काम रोककर आम खरीदने निकल पड़ते हैं. यह क्रेज भारतीयों के साथ-साथ अमेरिकियों में भी तेजी से बढ़ रहा है.
Photo:Pexel
अमेरिका में भारतीय आम सीमित समय के लिए आते हैं, इसलिए इनकी कीमत ज्यादा होती है. 2026 में 10-12 आमों का एक बॉक्स 50-60 डॉलर तक बिक रहा है, जो पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा है.
Photo:Pexel
अल्फांसो, केसर, चौसा, लंगड़ा और बंगनपल्ली जैसी किस्मों की भारी डिमांड है. स्वाद के कारण लोग इन्हें किसी लग्जरी आइटम की तरह खरीदते हैं, जिससे अमेरिका में भारतीय आम एक जुनून बन चुके हैं.
Photo:Pexel