21 July 2026
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सड़क किनारे और बिजली के खंबों पर लगी फाइबर लाइन आपने जरूरी देखी होगी. फाइबर केबल आमतौर पर बाहर से काली होती है.
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रिलायंस जियो से लेकर एयरटेल ब्रॉडबैंड तक की फाइबर केबल का रंग काला होता है. जबकि घर के अंदर आते ही ये पीले रंग में बदल जाती है.
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अब सवाल आता है कि सड़क किनारे लगी फाइबर केबल का रंग काला ही क्यों होता है.
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फाइबर केबल के रंग के पीछे की वजह ड्यूरेबिलिटी है. यह अंदर की लेयर को सुरक्षित रखना चाहते हैं.
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फाइबर केबल असल में कई प्रोटेक्टिव लेयर का इस्तेमाल करके बनाई जाती है. बाहरी लेयर काले रंग की होती है, जो मौसम की मार झेल सकती है.
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फाइबर केबल धूप में लगी होती है, जिसकी वजह से उसको अल्ट्रा वायलेट (यूवी) किरण से बचाना होता है. बाहरी लेयर को प्लास्टिक से बनाया जाता है, जिसका नाम पॉलिथिलाइन है.
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फाइबर लेन की आउटर लेयर अगर फट जाती है तो नमी अंदर जा सकती है. इसकी वजह से केबल जल्दी खराब हो सकती है.
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फाइबर केबल के अंदर डेटा ट्रांसफर होता है, उस केबल को ट्रांस्पेरेंट ग्लास की मदद से तैयार किया जाता है.
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फाइबर केबल जब घर के अंदर आती है तो उसमें एक कनेक्टर डिवाइस लगाकर उसको पीले कलर की केबल में बदल दिया जाता है.
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