27 July 2026
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ज़्यादातर लोगों को लगता है कि बारिश में फोन चलाना सेफ नहीं होता. उन्हें डर रहता है कि इससे उनके ऊपर बिजली गिर सकती है. आइए जानते हैं ये सच है या झूठ.
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बारिश के दौरान तेज़ बिजली कड़कती है और कई बार जानलेवा भी साबित होती है. ऐसे समय में स्मार्टफोन के मुकाबले लैंडलाइन फोन का इस्तेमाल ज्यादा खतरे वाला माना जाता है.
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स्मार्टफोन के सिग्नल इतने स्ट्रॉन्ग नहीं होते कि बिजली को अपनी तरफ खींच सकें. साथ ही फोन में इतनी ज्यादा मेटल भी नहीं होती कि वह बिजली को अट्रैक्ट करे.
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किसी से बात करते समय मोबाइल फोन टावर से रेडियो वेव्स के जरिए कनेक्ट होता है. ये वेव्स बिजली को अपनी तरफ खींचने की कैपेसिटी नहीं रखतीं.
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आंधी-तूफान के दौरान बिजली बादलों से ज़मीन तक पहुंचने के लिए सबसे छोटा रास्ता ढूंढती है. इसलिए ज्यादातर बिजली ऊंची जगहों पर गिरती है.
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असली खतरा पेड़ के नीचे खड़े रहने में होता है. बारिश के दौरान आपके हाथ में फोन हो या न हो, इससे फर्क नहीं पड़ता. बिजली अक्सर ऊंचे पेड़ों पर गिरती है.
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अगर बारिश के समय ज़रूरी कॉल करनी हो तो कर सकते हैं. बस ध्यान रखें कि खुले मैदान, ऊंची जगह या पेड़ के नीचे खड़े होकर बात न करें.
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ज़्यादातर लोगों को पता नहीं होता कि असली खतरा ऊंची जगह पर होने से होता है. इसलिए ऊंची जगह पर खड़े लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं.
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बारिश में स्मार्टफोन इस्तेमाल करने से बिजली आपकी तरफ नहीं खिंचती. फोन चलाने से ज्यादा खतरा खुले मैदान, ऊंची जगह या पेड़ के नीचे खड़े रहने से होता है.
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