20 Aug 2026
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सड़क पर गाड़ियों के ट्रैफिक को मैनेज करने के लिए ट्रैफिक लाइट लगी होती है. लेकिन आपको इसके ऊपर एक रॉड लगी हुई दिखाई देगी. आइए जानते हैं इसके बारे में.
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नोएडा की सड़कों पर लगी कई ट्रैफिक लाइट्स के पोल पर ये रॉड देखने को मिलती है. ये रॉड बाकी जगहों पर भी लगाई जाती है, लेकिन इससे क्या होता है?
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ट्रैफिक लाइट के ऊपर लगे डंडे जैसी चीज को लाइटनिंग अरेस्टर या लाइटनिंग रॉड कहा जाता है. ये एक सिंपल डिवाइस है, जो नुकसान को कम करने में मदद करता है.
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इस रॉड को इसलिए लगाया जाता है ताकि आंधी-तूफान के दौरान गिरने वाली बिजली को सही तरीके से जमीन तक पहुंचाया जा सके.
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जब बिजली इस पोल पर गिरती है, तो लाइटनिंग रॉड उसे आसपास की दूसरी जगहों पर गिरने से पहले एक सेफ रास्ते से जमीन में भेज देती है.
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ट्रैफिक लाइट में इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट्स का इस्तेमाल होता है और ये एक सिस्टम पर काम करती है. अगर इस पर बिजली गिर जाए तो बड़ा नुकसान हो सकता है.
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बिजली जब आसमान से गिरती है तो वह जमीन तक जाने का सबसे आसान रास्ता ढूंढती है. इसलिए अगर ये रॉड न लगाई जाए तो सड़क पर खड़ी गाड़ियों को खतरा हो सकता है.
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इस लाइटनिंग रॉड को ऊंचाई वाली जगह पर लगाया जाता है. इसका ऊपर का हिस्सा नुकीला होता है. इसके साथ एक कॉपर वायर जोड़ा जाता है.
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भयंकर तूफान के समय ट्रैफिक लाइट चालू रहे और इलेक्ट्रिकल सिस्टम को नुकसान न हो, इसके लिए ये रॉड लगाई जाती है.
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