SIM बाइंडिंग की तारीख बढ़ी! क्या आपका फोन सुरक्षित?
9 Apr 2026
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क्या है पूरा मामला?
भारत सरकार ने SIM बंधन का नियम लाया गया था. जिसके फोन में व्हाट्सऐप, टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप्स बिना SIM के नहीं चल पाएंगे. पहले डेडलाइन मार्च 2026 थी.
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क्या होता है SIM बाइंडिंग?
यह एक सिक्योरिटी फीचर है, जिसके जरिए मैसेजिंग ऐप्स आपके फोन के SIM कार्ड से लिंक रहते हैं. अगर SIM निकाल दिया जाए, तो ऐप्स का एक्सेस सीमित या बंद हो सकता है.
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डेडलाइन बढ़ी
भारत सरकार ने SIM बाइंडिंग नियम की समय सीमा बढ़ाकर अब 31 दिसंबर 2026 कर दी है.
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इसका मकसद क्या है?
इस नियम का उद्देश्य डिजिटल अरेस्ट जैसे स्कैम पर रोक लगाना है. स्कैमर्स फर्जी SIM लेकर अकाउंट बनाते थे और फिर SIM फेंक देते थे, जिससे ऐसे अपराध बढ़ रहे थे.
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चुनौतियां क्या हैं?
बड़ी टेक कंपनियां जैसे गूगल और एप्पल ने इस नियम को लागू करने के लिए ज्यादा समय मांगा है. ऐपल का कहना है कि iPhone सिस्टम में इसे जोड़ना एक बड़ी तकनीकी चुनौती है.
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किन ऐप्स पर लागू होगा?
यह नियम उन सभी मैसेजिंग ऐप्स पर लागू होगा जो फोन नंबर का इस्तेमाल करते हैं, जैसे WhatsApp, Telegram, Signal, Snapchat और Messenger.
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6 घंटे लॉगआउट रूल
पहले सरकार चाहती थी कि वेब ब्राउज़र पर 6 घंटे बाद ऑटोमैटिक लॉगआउट हो जाए, अब AI डिटेक्शन के जरिए रिस्क-बेस्ड लॉगआउट होगा.
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प्राइमरी डिवाइस रूल
एक बार अकाउंट एक्टिवेट होने के बाद वह प्राइमरी डिवाइस पर ही लॉगिन रहेगा. दूसरे डिवाइस पर लॉगिन करने पर ज्यादा वेरिफिकेशन की जरूरत पड़ सकती है.
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इस्तेमाल में समस्या
कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह सिस्टम इस्तेमाल करना आसान नहीं होगा, खासकर उन लोगों के लिए जो विदेश यात्रा करते हैं. या जहां नेटवर्क कमजोर होता है.