स्कूलों में डिजिटल दरिंदगी! AI टूल के जरिए छात्राओं को किया जा रहा ब्लैकमेल
7 May 2026
Photo: AI
क्या है पूरा मामला?
पूरी दुनिया में स्कूल के बच्चे AI ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं. कुछ बच्चे दूसरों की नकली न्यूड फोटो बनाकर उन्हें परेशान कर रहे हैं. जानिए कैसे AI का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं.
Photo: Pexels
कैसे करते हैं काम?
ये AI टूल किसी भी फोटो का इस्तेमाल कर लेते हैं. जैसे सोशल मीडिया की फोटो या फोन से क्लिक की गई फोटो. टेक्नोलॉजी की मदद से डिजिटल कपड़े हटा देते हैं.
Photo: Pexels
पूरी दुनिया की समस्या
यह किसी एक जगह की समस्या नहीं है. कई देशों में यह मामला सामने आया है. जैसे अमेरिका, स्पेन, ब्राज़ील और कई अन्य देशों में.
Photo: Pexels
नुकसान हानिकारक
ये डिजिटल रूप से बनाई गई फोटो. फेक होने के बावजूद बच्चों को इमोशनल नुकसान पहुंचा रही हैं. रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के 90 स्कूलों में ऐसी घटनाएं हुई हैं.
Photo: Pexels
आसानी से उपलब्ध
डीपफेक इमेज बनाने के लिए कई ऐप्स और वेबसाइट्स आसानी से मिल जाती हैं. कई बार ये ऐप्स खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विज्ञापन भी चलाते हैं.
Photo: Pexels
मजाक नहीं, क्राइम है
कई मामलों में बच्चे कहते हैं कि उन्होंने ये फोटो मजाक या प्रैंक के लिए बनाई थी. उन्हें यह नहीं पता कि यह एक बहुत गंभीर अपराध है.
Photo: Pexels
स्कूल कर रहे हैं मशक्कत
कई जगह स्कूलों के पास इस तरह के मामलों को संभालने का अनुभव नहीं है. डीपफेक से जुड़े केस कैसे हैंडल करें, यह कई बार टीचर्स को भी नहीं पता होता.
Photo: Pexels
बदलाव की जरूरत
एक्सपर्ट्स और पीड़ितों का कहना है कि इस पर कड़े कानून लागू करने की जरूरत है, ताकि इस ग्लोबल समस्या पर जल्द से जल्द काबू पाया जा सके.