स्मार्टफोन की ग्रीन लाइन और लाइटर का खतरनाक खेल, जानिए सच!

12 June 2026

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वायरल लाइटर ट्रिक

सोशल मीडिया के वीडियो में फोन की ग्रीन लाइन ठीक करने के लिए लाइटर का इस्तेमाल करते हुए दिखाया जाता है. आइए जानते हैं कि क्या यह सच में काम करता है?

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बहुत बड़ा धोखा

वायरल वीडियो देखकर लोगों को लगता है कि यह तरीका सच में काम करता होगा, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है.

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असली दिक्कत कहां है?

फोन की स्क्रीन पर ग्रीन लाइन आमतौर पर तब आती है जब डिस्प्ले के अंदर का कोई कनेक्शन, फ्लेक्स केबल या सर्किट खराब हो जाता है. इसी वजह से यह प्रॉब्लम दिखाई देती है.

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स्पार्क से हेल्दी पिक्सल डेड

जब स्क्रीन पर लाइटर का स्पार्क लगाया जाता है, तो उससे हाई वोल्टेज पैदा होता है. यह ग्रीन लाइन के आसपास मौजूद हेल्दी पिक्सल्स को भी नुकसान पहुंचा सकता है.

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स्क्रीन की लेयर खराब

मॉडर्न स्क्रीन में ऑर्गेनिक कंपाउंड्स का इस्तेमाल होता है. अगर उस पर सीधे स्पार्क या ज्यादा गर्मी पड़े, तो स्क्रीन की लेयर तुरंत खराब हो सकती हैं.

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ट्रिक से बैटरी खराब

फोन की स्क्रीन के नीचे बैटरी होती है. लाइटर के स्पार्क और गर्मी की वजह से बैटरी फूल सकती है. इसलिए इस ट्रिक का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

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टच भी हो जाएगा खराब

स्क्रीन के ऊपर एक टच लेयर लगी होती है, जो आपकी उंगलियों के टच को पहचानती है. लाइटर का स्पार्क इस लेयर को डैमेज कर सकता है.

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फ्री रिपेयर बर्बाद

कई मामलों में ग्रीन लाइन एक मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट होती है, अगर स्क्रीन पर लाइटर का इस्तेमाल किया गया हो, तो कंपनी इसे फिजिकल डैमेज मान सकती है.

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 फोन भी हो सकता है खराब

अगर फोन में पहले से कोई हार्डवेयर प्रॉब्लम हो, तो हाई वोल्टेज स्पार्क अंदर के मदरबोर्ड तक पहुंच सकता है. ऐसे में पूरा फोन खराब होने का खतरा भी रहता है.

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