21 June 2026
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दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी के एक गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया है, जो साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खाते मुहैया कराते थे.
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म्यूल अकाउंट वे बैंक खाते होते हैं, जो किसी दूसरे के नाम पर खोले जाते हैं और उनका इस्तेमाल साइबर ठगी में होता है.
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दिल्ली पुलिस ने जांच के बाद साइबर ठगी में लूटी गई रकम को ट्रैस किया. इसके बाद पुलिस ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से दो लोगों को गिरफ्तार किया.
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जांच में आगे पता चला कि मेरठ में रहने वाले शख्स ने उनका अकाउंट खुलवाया था, जिसका नाम अंकित चौधरी है. फिर अंकित को गिरफ्तार किया गया.
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पुलिस ने शुक्रवार को बताया है कि आरोपी बेरोजगार और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शिकार बनाते थे. उन लोगों को कमीशन और नौकरी का लालच देकर बैंक खाते खुलवाते.
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फिर उन खातों के एटीएम कार्ड और बैंकिंग की जरूरी डिटेल्स साइबर अपराधियों को सौंप दी जाती थी. इसके बाद साइबर ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों में घुमाया जाता.
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किसी दूसरे शख्स को अपना बैंक खाता इस्तेमाल करने को कभी ना दें. कमीशन, नौकरी या फिर किसी भी फर्जी वादे के बाद भी बैंक खाता इस्तेमाल करने को ना दें.
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म्यूल अकाउंट के फर्जीवाड़े से बचाने के लिए जरूरी है कि अपने बैंक खाता का ATM, ऑनलाइन बैंकिंग डिटेल्स और और पासवर्ड किसी अन्य शख्स के साथ शेयर ना करें.
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'बैंक खाता खुलवाओ और कमीशन पाओ' जैसी स्कीम से सावधान रहना चाहिए. ये आपका बैंक खाता म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं.
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