अमेरिका-ईरान वॉर में ऐप्स बचा रहे हैं लोगों की जान!
25 Mar 2026
Photo: AI
क्या है पूरा मामला?
USA-Iran तनाव के बीच मिसाइल सिस्टम के जरिए एक दूसरे पर हमले किए जा रहे हैं, जिससे कई लोगों की जान जा रही है.
Photo: ITG
इन खतरों से बचाने के लिए अलर्ट सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि नागरिकों को पहले से चेतावनी मिल सके.
Photo: ITG
कैसे काम करते हैं?
इन अलर्ट सिस्टम के लिए हाई-टेक स्पेस-बेस्ड सेंसर, ग्राउंड-बेस्ड सेंसर और इंस्टेंट कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है.
Photo: ITG
जैसे ही हवा में मिसाइल डिटेक्ट होती है, उसकी स्पीड और लोकेशन कैलकुलेट करके तुरंत नागरिकों को अलर्ट नोटिफिकेशन भेज दिया जाता है.
Photo: ITG
अलर्ट कितनी जल्दी?
मिसाइल स्ट्राइक होने से लगभग 90 सेकंड पहले ही नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाता है. ताकि नागरिकों को छिपने या सुरक्षित जगह जाने का समय मिल सके.
Photo: Unsplash
कौन-कौन से अलर्ट ऐप्स हैं?
ईरान में Eitaa, Bale और Rubika जैसे मैसेजिंग ऐप्स के जरिए लोगों को मिसाइल हमले से पहले अलर्ट दिया जाता है, जिससे वे सतर्क रह सकें और अपनी व अपने परिवार की जान बचा सकें.
Photo: Unsplash
माशा अलर्ट ऐप क्या है?
Mahsa नाम का एक ऐप ईरानी-अमेरिकी डेवलपर अहमद अहमदियां द्वारा बनाया गया है. इस ऐप की मदद से लोगों को पूरे ईरान की स्थिति,
Photo: Unsplash
कहां हमले हो रहे हैं और कौन-सी जगह सुरक्षित है इसकी जानकारी मैप के जरिए मिलती है.
Photo: Unsplash
लोगों को क्या करना होता है
अलर्ट मिलते ही लोगों को तुरंत सुरक्षित जगह में जाना चाहिए और खतरे वाले क्षेत्र से दूर रहने की कोशिश करनी चाहिए.
Photo: Pexels
क्या ये सिस्टम भरोसेमंद है?
यह सिस्टम काफी मददगार है, लेकिन पूरी तरह से इस पर निर्भर नहीं रहा जा सकता. कभी-कभी अलर्ट में देरी भी हो सकती है, इसलिए नागरिकों को खुद भी सतर्क रहना जरूरी है.
Photo: Pexels
क्या दूसरे देशों में सिस्टम हैं?
हाँ, कई देश ऐसे अलर्ट सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं. जापान, ताइवान, साउथ कोरिया और अमेरिका जैसे देश इसका उपयोग करते हैं.