18 May 2026
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यूरोपियन यूनियन अपनी प्राइवेसी और सरकारी डेटा की सुरक्षा के लिए अमेरिकी टेक कंपनियों का इस्तेमाल कम करने की योजना बना रहा है. आइए जानते हैं क्यों किया जा रहा है.
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अमेरिकी टेक दिग्गज जैसे अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल का इस्तेमाल यूरोपियन यूनियन अपने हाई सेंसिटिव सरकारी डेटा के लिए कम कर सकता है.
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इस नए नियम का मकसद बेहद प्राइवेट और जरूरी डेटा को सुरक्षित रखना है, जैसे हेल्थ रिकॉर्ड्स, फाइनेंशियल जानकारी और लीगल डॉक्यूमेंट्स.
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अमेरिकी टेक कंपनियों का इस्तेमाल सरकारी और पब्लिक सेक्टर में सीमित किया जा सकता है. हालांकि, प्राइवेट सेक्टर पर फिलहाल कोई रोक नहीं होगी.
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इस प्लान से यूरोपियन कंपनियों को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे यूरोपियन टेक कंपनियां तेजी से आगे बढ़ सकती हैं.
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यूरोपियन नेताओं को अमेरिका के क्लाउड एक्ट से चिंता है. इस कानून के तहत अमेरिकी सरकार उन डेटा तक पहुंच बना सकती है जिन्हें अमेरिकी कंपनियां संभाल रही हैं.
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यूरोपियन कमीशन 27 मई को इस पैकेज को पेश कर सकता है. इसमें क्लाउड कंप्यूटिंग, AI डेवलपमेंट और कंप्यूटर चिप्स से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा होगी.
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फिलहाल माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न और गूगल यूरोप के करीब 70% क्लाउड मार्केट पर कंट्रोल रखते हैं. अगर यह नियम लागू होता है, तो टेक इंडस्ट्री का सबसे बड़ा बदलाव साबित हो सकता है.
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