20 June 2026
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भारत में स्मार्टफोन या फीचर फोन चलाने के लिए उसमें सब्सक्राइबर आइडेंटी मॉड्यूल (SIM) कार्ड को लगाना होता है.
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सिम कार्ड के लिए मोबाइल डिवाइस में एक पोर्ट होता है, जिसके अंदर सिम कार्ड को इंसर्ट किया जाता है.
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स्मार्टफोन या फीचर फोन चोरी होने के बाद चोर सबसे पहले सिम को बाहर निकालते हैं और फेंक देते हैं.
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फोन चोरी की ऐसी कंडीशन में ईसिम (eSIM) बड़े ही काम की साबित हो सकती है. सिम कार्ड की तरह eSIM को निकाला नहीं जा सकता है. जियो और एयरटेल की तरफ से eSIM की सर्विस दी जाती है.
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स्मार्टफोन के अंदर eSIM है, तो उसको स्टैंडर्ड सिम की तरह आसानी से निकाला नहीं जा सकता है.
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eSIM को स्मार्टफोन से स्टैंडर्ड सिम की तरह बाहर निकाला जा सकता है. यह फोन के सर्वर पर इंस्टॉल होती है.
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सर्वर से अनइंस्टॉल करने के लिए eSIM को डिलीट करना पड़ता है. डिलीट करने के लिए स्मार्टफोन को अनलॉक करना होगा और फिर सेटिंग्स में जाना होगा.
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एंड्ऱॉयड और आईओएस के हैंडसेट में eSIM को रिमूव करने का तरीका अलग-अलग है. ऐसे में eSIM फोन को चोरी होने से बचाता है.
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eSIM सभी हैंडसेट में काम नहीं करता है. भारतीय मार्केट में कुछ चुनिंदा फोन है, जिनमें eSIM का सपोर्ट मिलता है. इसमें सैमसंग, ऐपल के सबसे ज्यादा फोन हैं.
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