जनगणना या जालसाजी? 8 तरीके जिनसे आपको ठग सकते हैं साइबर अपराधी!
13 Apr 2026
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क्या है पूरा मामला?
1 April 2026 से देश में जनगणना की शुरुआत हो चुकी है. इसके आड़ में कई साइबर अपराधी इसका गलत फायदा उठा रहे हैं और ठगी करने हैं. जानिए कैसे बचें!
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नकली वेबसाइट
ये जालसाज जनगणना के नाम पर सरकार से मिलती-जुलती वेबसाइट बना देते हैं. इसमें डिटेल भरते ही आपकी सारी जानकारी इनके पास चली जाती है. जिससे आपका बैंक अकाउंट खाली हो सकता है.
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OTP का जाल
अगर कोई आपको फोन करके बोले कि हम जनगणना कर रहे हैं और इसके लिए OTP आएगा, तो तुरंत सावधान हो जाएं. यह स्कैमर्स की चाल है. किसी भी तरीके का OTP जनगणना में नहीं मांगा जाता.
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ठग बैंक अकाउंट मांगेंगे
जनगणना आपके घर और परिवार के बारे में होती है, आपके बैंक अकाउंट से इसका कोई लेना-देना नहीं है. अगर कोई बैंक डिटेल्स मांगे, तो तुरंत शिकायत करें.
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खतरनाक लिंक
इस दौरान आपके फोन पर जनगणना भरने के नाम पर लिंक भेजे जा सकते हैं. इन पर क्लिक करते ही आप स्कैमर्स के जाल में फंस सकते हैं और पैसे गंवा सकते हैं.
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QR कोड स्कैम
नकली अफसर आपके घर आ सकता है. QR कोड स्कैन करके वेरिफिकेशन करने को कहेगा. ऐसा बिल्कुल न करें. इस कोड के जरिए आपके अकाउंट से पैसे निकल सकते हैं.
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सवालों के जवाब
इस जालसाजी से बचने के लिए सरकार ने सवालों की एक लिस्ट जारी की है, जो ऑफिसर्स पूछ सकते हैं. आपको सिर्फ उन्हीं सवालों के जवाब देने हैं.
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दो बातें रखें याद
सरकार कभी भी आपसे पैसे या OTP नहीं मांगती जनगणना के लिए. किसी भी वेबसाइट के आखिर में .gov.in होना जरूरी है इसे जरूर चेक करें.