10 July 2026
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मानसून में लोगों को भारी उमस का सामना करना पड़ता है, जिससे राहत पाने के लिए अधिकतर लोगों को एयर कंडीशनर (AC) का इस्तेमाल करना पड़ता है.
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AC चलाने की वजह से भारी बिजली बिल का सामना करना पड़ता है. जिन इलाकों में बार-बार बिजली कट होती है, वहां और ज्यादा परेशानी सामने आएगी.
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मार्केट में हाइब्रिड सोलर सिस्टम मौजूद है, जिसमें सोलर पैनल, बैटरी सेटअप और ऑन ग्रिड की सुविधा होती है. धूप ना होने पर और ग्रि़ड से बिजली ना आने पर पावर के लिए बैटरी बैकअप है.
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हाइब्रिड सोलर सिस्टम के तहत के लीथियम बैटरी आती है, जो 4-5 किलोवाट का लोड आसानी से उठा सकते हैं. इसकी मदद से सोलर AC भी चलाया जा सकता है.
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मार्केट में सोलर सिस्टम को सपोर्ट करने वाले ढेरों AC मौजूद हैं. सोलर पैनल पर एक बार इनवेस्टमेंट करने के बाद भारी बिजली बिल से राहत मिलेगी.
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सोलर पैनल लगवाने से पहले अपनी रिक्वायरमेंट कंपनी को बताएं. अपने घर का इलेक्ट्रिसिटी लोड डिमांड बताएं. इसके बाद उसी के हिसाब से सोलर पैनल लगवाएं.
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मार्केट में 1 किलोवाट का शुरुआती सोलर सिस्टम उपलब्ध है. आप घर में 10 किलोवाट तक का सोलर सिस्टम लगा सकते हैं. हालांकि अलग-अलग सिस्टम की कीमत अलग-अलग होती है.
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सोलर पैनल सिस्टम लगवाने के लिए सरकार सब्सिडी प्रोवाइड करा रही है. पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर सिस्टम लगवाने के लिए सरकारी सहायता राशि देती है.
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उत्तर प्रदेश सरकार भी सोलर पैनल लगवाने पर एक्स्ट्रा सब्सिडी दे रही है. यह रकम 30 हजार रुयये तक है.
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