झूठ पकड़ लेती है यह मशीन! जानें कैसे करती है काम 

8 March, 2022

श्रद्धा वॉल्कर हत्याकांड के आरोपी आफताब अमीन पूनावालाका का पॉलीग्राफ टेस्ट होगा. 

Pic Credit: urf7i/instagram

पॉलीग्राफ यानी झूठ पकड़ने वाली मशीन का सामना करना. इसे लाई डिटेक्टर टेस्ट भी कहते हैं. 

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पॉलीग्राफ टेस्ट में देखा जाता है कि सवालों के जवाब देते समय क्या इंसान झूठ बोल रहा है या सच. 

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इंसान जब झूठ बोलता है, तब उसका हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर बदलता है. पसीना आता है. आंखें इधर-उधर जाती हैं. 

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टेस्ट में चार चीजें देखी जाती हैं. सांस लेने की दर, नाड़ी की गति, ब्लड प्रेशर और पसीना कितना निकल रहा. 

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टेस्ट के दौरान मशीन के चार या छह प्वाइंट्स को इंसान के सीने, उंगलियों से जोड़ दिया जाता है. फिर उससे पहले कुछ सामान्य सवाल पूछे जाते हैं. 

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इसके बाद उससे अपराध से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं. इस दौरान मशीन के स्क्रीन पर इंसान की हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर, नाड़ी आदि पर नजर रखी जाती है. 

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टेस्ट से पहले भी इंसान का मेडिकल टेस्ट किया जाता है. तब उसके सामान्य हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर, नाड़ी दर आदि को नोट कर लिया जाता है. 

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जब टेस्ट में सवाल पूछे जाने लगते हैं और जवाब देने वाला अगर झूठ बोलता है तो उस समय उसका हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर, नाड़ी दर घटता या बढ़ता है. 

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अगर इंसान सच बोलता है, तब उसकी शारीरिक गतिविधियां सामान्य रहती हैं. जो इंसान झूठा बोलता है, उसके दिमाग से एक P3 सिग्नल निकलता है. 

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ऐसे में उसका हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है. इन्हें सामान्य दरों से मिलाया जाता है. तुरंत पता चल जाता है कि ये जवाब सच है या झूठ. 

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