आखिर सावन में बेटी क्यों जाती है मायके? जानें इसके पीछे की खास मान्यता

14 July 2025

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सावन इस बार 11 जुलाई से शुरू हो चुका है और समापन 9 अगस्त, रक्षाबंधन के दिन होगा. वहीं, आज सावन का पहला सोमवार है.

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सावन का पूरा महीना भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है. कहते हैं कि सावन के हर सोमवार पर मंदिर जाकर शिवलिंग पर दूध जरूर चढ़ाना चाहिए. 

ज्योतिषियों के अनुसार, शादी के बाद पहले सावन पर नवविवाहित लड़कियों को मायके जरूर जाना चाहिए, इसे बहुत ही शुभ माना जाता है.

तो आइए ज्योतिर्विद शैलेंद्र पांडेय जी से जानते हैं कि सावन में बेटी क्यों जाती है मायके?

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सावन में मायके जाने की इस परंपरा का सदियों से पालन किया जा रहा है. मान्यता है कि, इस परंपरा को निभाने से मायके और ससुराल के बीच सामंजस्य की स्थिति बनी रहती है.

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ऐसा माना जाता है कि बेटियों का भाग्य घर के भाग्य को नियंत्रित करता है और जैसे ही बेटियों की विदाई होती है, घर की स्थिति खराब हो जाती है.

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अगर घर में विवाह के बाद भी बेटियों का सम्मान न किया जाए तो स्थिति काफी बिगड़ जाती है. 

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सावन में जब बेटी मायके आए तो विशेष तरह के उपाय जरूर करें. ऐसा करने से घर और जीवन की समस्याएं हल हो सकती हैं. 

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