13 Mar 2025
Aajtak.in
आज रात भद्रा काल समाप्त होते ही होलिका दहन का शुभ मुहूर्त प्रारंभ हो जाएगा. फिर कल यानी 14 मार्च को रंग वाली होली खेली जाएगी.
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ज्योतिषविदों का कहना है कि फाल्गुन पूर्णिमा की रात तय मुहूर्त में होलिका दहन होता है. लेकिन 5 लोगों को होलिका दहन कभी नहीं देखना चाहिए.
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1. शादी के बाद नई दुल्हन को ससुराल में पहली होनी नहीं मनानी चाहिए. नई दुल्हन अपनी पहली होली मायके में ही मनाती है.
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होलिका जब अग्नि में भस्म हुई तो अगले दिन उसका विवाह इलोजी से होना था. इलोजी की मां जब बेटे की बारात लेकर पहुंची तो उन्होंने होलिका की चिता देख प्राण त्याग दिए.
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बस तभी से ये प्रथा चला आ रही है कि नई बहू को ससुराल में पहली होली नहीं देखनी चाहिए. इसीलिए वह होली से कुछ दिन पहले मायके आ जाती हैं.
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2. कहते हैं कि सास-बहु को साथ खड़े होकर होलिका दहन नहीं देखना चाहिए. ऐसा करने से आपसी मतभेद और रिश्तों में तनाव बढ़ता है.
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3. इकलौती संतान के माता-पिता को भी होलिका दहन नहीं देखना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि प्रह्लाद भी हिरण्यकश्यप-कयाधु की इकलौती संतान ही थे.
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4. गर्भवती महिलाओं को भी होलिका दहन देखने से बचना चाहिए. उनके लिए होलिका की परिक्रमा करना भी अशुभ माना जाता है.
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5. नवजात शिशु को भी होलिका दहन से दूर रखना चाहिए. कहते हैं कि इससे बच्चे पर अशुभ और नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
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