बेटी को सिंधारे में भूलकर भी न दें ये 4 चीजें, खुशहाली को लग सकता है ग्रहण

26 July 2025

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27 जुलाई को हरियाली तीज का त्योहार मनाया जाएगा. इस त्योहार से एक दिन पहले बेटी को सिंधारा भेजने की परंपरा है. कहते हैं कि बहू-बेटियों दिया जाने वाला सिंधारा उसकी खुशहाली से जुड़ा होता है.

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सिंधारा के दिन मायके  से बेटी को स्नेह और शुभकामनाओं के साथ उपहार भेजे जाते हैं, जिसे सिंधारा कहते हैं. इसमें बेटी को खाने की सामग्री, ऋृंगार की वस्तुएं और नए कपड़े भेजे जाते हैं.

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लेकन इसमें कुछ चीजों को भेजना वर्जित माना गया है. आइए जानें, वो चार चीजें कौन-सी हैं जिन्हें बेटी को सिंधारे में नहीं देना चाहिए:

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मान्यता है कि अचार जैसी चीजें सिंधारे में देने से रिश्तों में खटास आ सकती है और यह वैवाहिक जीवन के लिए शुभ नहीं मानी जाती. इसलिए बेटी को कभी भी अचार नहीं देना चाहिए.

1. अचार 

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कैंची, चाकू, सुई जैसी नुकीली चीजें देना रिश्तों में कटुता या दरार बढ़ा सकता है.  इसलिए सिंधारा जैसे मंगल अवसर पर ऐसी वस्तुएं नहीं दी जातीं.

2. नुकीली या धारदार वस्तुएं 

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काला रंग को भारतीय परंपरा में शोक और नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है. यही कारण है कि सिंधारे में कभी भी काले रंग के वस्त्र नहीं भेजे जाते.

3. काले रंग के कपड़े 

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बेटी को कभी भी छलनी नहींं दी जाती है. इस एक गलती से घर की समृद्धि, सुख धीरे-धीरे समाप्त हो सकता है. इसलिए इसे भी सिंधारा देने में निषेध माना गया है.

4. छलनी 

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