चांद के क्रेटर में फंसने वाला था 'विक्रम', फिर एक कमांड से बदली डायरेक्शन
By Aajtak.in PICS- ISRO
29 August 2023
चंद्रयान-3 से चांद के साउथ पोल पर उतरा प्रज्ञान रोवर बाल-बाल बचा. दरअसल, वह चार मीटर व्यास के एक गड्ढे के करीब पहुंच गया था.
फिर इसरो कंट्रोल रूम से उसे पीछे जाने का निर्देश दिया गया. यह निर्देश विक्रम लैंडर ने प्रज्ञान रोवर को रिले किया और उसने अपना रास्ता बदल लिया.
इसरो ने प्रज्ञान के कदमों के निशान का फोटो शेयर किया है. इससे पहले, प्रज्ञान के सामने 100 मिलीमीटर गहरा क्रेटर (गड्ढा) आ गया था.
रोवर ने बड़ी सावधानी से उसे पार किया. यह देख ISRO के कंट्रोल रूम में बैठे वैज्ञानिकों ने राहत की सांस ली.
बता दें, रोवर प्रज्ञान को चांद की सतह पर किसी एक पॉइंट से दूसरे पॉइंट तक ले जाने में कई चरण होते हैं.
रास्ते की प्लानिंग के लिए, रोवर के ऑनबोर्ड कैमरा से डेटा बेंगलुरु के ISRO कंट्रोल सेंटर में डाउनलोड किया जाता है.
डेटा से डिजिटल एलिवेशन मॉडल बनाते हैं. फिर ग्राउंड और मेकेनिजम टीम तय करती है कि किस रास्ते जाना है और उसकी कमांड देते हैं.
रोवर का नेविगेशन कैमरा जो फोटो भेजता है, उनसे अधिकतम 5 मीटर तक का रास्ता बनाया जा सकता है. एकबार में रोवर मैक्सिमम 5 मीटर चल सकता है.
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