रसीली गुजिया बढ़ा सकती है 'बेली फैट', महीनों की मेहनत न हो बेकार, जानें खाने का तरीका

2 Feb 2026

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होली पर सजी चाशनी वाली गुजिया जितनी रसीली दिखती है, शरीर के अंदर जाकर वह उतनी ही भारी पड़ती है. वजन घटाने वालों के लिए इसका एक-एक बाइट कैलोरी और फैट का हिसाब मांगता है.

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एक मीडियम साइज की चाशनी वाली गुजिया (लगभग 50-60 ग्राम) में न्यूट्रिशन कुछ इस तरह होता है.  कैलोरी: 250 से 320 kcal कुल फैट: 15 से 18 ग्राम कार्बोहाइड्रेट: 35 से 45 ग्राम प्रोटीन: मात्र 3 से 4 ग्राम

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चाशनी वाली गुजिया में चीनी का डबल डोज होता है. एक तो अंदर की स्टफिंग में चीनी होती है और ऊपर से इसे गाढ़ी चाशनी में डुबोया जाता है. एक गुजिया में लगभग 15 से 20 ग्राम चीनी हो सकती है, जो आपकी दिनभर की सुरक्षित शुगर लिमिट के करीब है.

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गुजिया का बाहरी हिस्सा मैदे से बना होता है. मैदा एक रिफाइंड कार्ब है जिसमें फाइबर बिल्कुल नहीं होता. यह शरीर में जाते ही ग्लूकोज में बदल जाता है और सीधे आपके पेट के पास विसेरल फैट (जिद्दी चर्बी) के रूप में जमा होने लगता है.

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इसे बनाने के लिए डालडा या घी का इस्तेमाल होता है और फिर इसे डीप फ्राई किया जाता है. इसमें सैचुरेटेड फैट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जो न सिर्फ वजन बढ़ाती है बल्कि आपके बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को भी बढ़ा सकती है.

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वेट लॉस के लिए प्रोटीन और फाइबर जरूरी हैं, लेकिन गुजिया में ये दोनों ही ना के बराबर हैं. खोया और ड्राई फ्रूट्स से मिलने वाला थोड़ा बहुत प्रोटीन भारी मात्रा में मौजूद शुगर और फैट के नीचे दब जाता है.

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इसे खाने के तुरंत बाद ब्लड शुगर स्पाइक होता है. शरीर इस एक्स्ट्रा शुगर को एनर्जी में बदलने के बजाय फैट सेल्स में स्टोर करना शुरू कर देता है. यही कारण है कि त्योहारों के बाद अचानक वजन 1-2 किलो बढ़ा हुआ दिखता है.

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अगर कंट्रोल नहीं हो रहा, तो चाशनी वाली गुजिया के बजाय सूखी गुजिया चुनें. चाशनी हटने से लगभग 80-100 कैलोरी कम हो जाती है. कोशिश करें कि इसे सुबह के समय खाएं ताकि दिनभर की एक्टिविटी में कुछ कैलोरी बर्न हो सके.

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