सर्दियों में लाल गाजर खाएं या नारंगी, कौन है सेहत का असली खजाना? आधे भारतीय नहीं जानते 

Photo: Freepik

अक्सर जब हम बाजार जाते हैं तो मन में यह सवाल जरूर आता है कि लाल गाजर खरीदें या नारंगी. 

Photo: Freepik

ज्यादातर लोग केवल स्वाद या रंग के आधार पर इनका चुनाव करते हैं लेकिन आयुर्वेद और विज्ञान के अनुसार इन दोनों के गुणों में बड़ा अंतर होता है. 

Photo: Unsplash

लाल गाजर आमतौर पर सर्दियों के मौसम में अधिक मिलती हैं और यह भारतीय घरों में हलवा या सलाद के लिए पहली पसंद होती है. 

Photo: Freepik

वहीं, नारंगी गाजर साल भर उपलब्ध रहती है और इसे विदेशी किस्म का माना जाता है. सेहत के लिहाज से इन दोनों का अपना-अपना महत्व है. 

Photo: Freepik

लाल गाजर का गहरा रंग उसमें मौजूद लाइकोपीन के कारण होता है. यह वही तत्व है जो टमाटर में भी पाया जाता है. लाइकोपीन दिल को स्वस्थ रखने और शरीर को गंभीर बीमारियों से बचाने में बहुत प्रभावशाली माना जाता है.

Photo: Freepik

लाल गाजर में प्राकृतिक मिठास अधिक होती है जो इसे कच्चा खाने, इसकी डिशेज बनाने या सूप के लिए बढ़िया ऑप्शन बनाती है. खून की कमी को दूर करने और चेहरे पर चमक लाने के लिए लाल गाजर का सेवन फायदेमंद होता है.

Photo: Freepik

ऐसा कहा जाता है कि नारंगी गाजर में ल्यूटिन की मात्रा अच्छी होती है जो शरीर को बढ़ती उम्र से जुड़ी किसी भी तरह की बीमारियों से लड़ने में मदद करती है. 

Photo: Freepik

हालांकि लाल गाजर में भी ल्यूटिन होता है लेकिन वो मुख्य रूप से अपने लाइकोपीन (जो लाल रंग देता है) के लिए जानी जाती हैं जबकि नारंगी गाजर ल्यूटिन का एक बड़ा सोर्स है.

Photo: Freepik

नारंगी गाजर में भी विटामिन A होता है और इसका बहुत अच्छा असर होता है और यह हमारी स्किन और आंखों के लिए फायदेमंद है. इसका असर भी लाल गाजर जैसा ही होता है. 

Photo: Unsplash

कुल मिलाकर अपनी डाइट में किसी भी रंग की गाजर को शामिल करना फायदेमंद साबित होगा. ये दोनों ही स्किन, बालों, आंखों, दिल और शरीर के दूसरे जरूरी अंगों को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं.

Photo: Unsplash

खबर में बताई गई चीजें सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. अमल में लाने से पहले कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर करें.

Photo: Freepik

Read Next