26 Sep 2025
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किडनी रोग को साइलेंट किलर माना जाता है, क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण मामूली हेल्थ प्रॉब्लम जैसे लगते हैं. ज्यादातर लोग इन्हें थकान, स्ट्रेस या लाइफस्टाइल की वजह मानकर इग्नोर कर देते हैं.
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उनैजा (Unaiza) नाम की एक महिला ने भी यही गलती की. सालों तक उन्होंने अपने शरीर के कुछ लक्षणों को हल्के में लिया और ध्यान नहीं दिया. बाद में पता चला कि उन्हें क्रॉनिक किडनी डिजीज है.
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अपने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में, उनैजा ने उन लक्षणों के बारे में बताया, जिन्हें वह नॉर्मल समझ कर इग्नोर कर देती थीं. यही आगे चलकर क्रॉनिक किडनी डिजीज का कारण बना.
Photo:Unaiza/Instagram Unaiza/Instagram
उनैजा को जब सिर दर्द होता था तो उन्हें लगता था कि यह पढ़ाई और काम का स्ट्रेस है. सिरदर्द उन्हें अक्सर होता था, लेकिन उन्होंने कभी नहीं सोचा कि यह किसी बड़ी बीमारी का संकेत हो सकता है.
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उनैजा की स्किन हमेशा ड्राई रहती थी. लेकिन उनैजा हमेशा इसे स्किन प्रॉब्लम समझकर सिर्फ इस पर मॉइस्चराइजर लगाती रहीं.
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उनैजा अक्सर किसी काम को फोकस होकर नहीं कर पाती थीं. उन्हें लगता था कि यह मानसिक थकान और ध्यान न लगा पाने की आदत है.
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उनैजा का मन अक्सर परेशान रहता था और कभी-कभी उनके सीने में दर्द भी होता था. वह इसे अपने अपने फ्यूचर का टेंशन समझ इग्नोर करती थीं.
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उनैजा को अक्सर पैरों में दर्द और मसल्स क्रैंप रहता था. लेकिन वह इसे ज्यादा काम करने या एक्सरसाइज के बाद की थकान समझती थीं.
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उनैजा का कहना है कि वह इन सबको नॉर्मल समझ रही थीं, लेकिन असल में ये किडनी फेल होने के शुरुआती संकेत थे. मैंने इन्हें गंभीरता से नहीं लिया और यही मेरी सबसे बड़ी गलती थी.
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किडनी के डॉक्टर डॉ. सोनुसिंग पाटिल का का भी कहना है कि किडनी की बीमारी का जल्दी पता चलना बहुत जरूरी है. ऐसा करने से बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है और कई मामलों में डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट जैसी बड़ी दिक्कतों से बचा जा सकता है.
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