28 Aug 2025
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चावल हम भारतीयों का पसंदीदा खाना है. यह हमारे रोज के खाने का अहम हिस्सा है. वैसे तो चावल के कई किस्म है लेकिन इसे आमतौर पर दो भागों में बांटा जाता है, सफेद चावल और ब्राउन चावल.
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इन दोनों की प्रोसेसिंग अलग होती है, टेस्ट अलग होता है और सेहत पर असर भी अलग-अलग पड़ता है. तो आइए जानते हैं इनमें क्या फर्क है और कौन-सा ज्यादा हेल्दी है.
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ब्राउन राइस में फाइबर, विटामिन (जैसे B1 और B3) और मिनरल्स (जैसे मैग्नीशियम और आयरन) ज्यादा होते हैं. एक कप पका हुआ ब्राउन राइस लगभग 3.5 ग्राम फाइबर देता है, जबकि व्हाइट राइस में सिर्फ 0.6 ग्राम फाइबर होता है. व्हाइट राइस की मिलिंग और पॉलिशिंग के दौरान ये जरूरी पोषक तत्व कम हो जाते हैं.
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ब्राउन राइस ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में ज़्यादा मदद करता है. इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) कम होता है, यानी यह शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाता है. इसलिए यह डायबिटीज के मरीजों और वजन कंट्रोल करने वालों के लिए अच्छा माना जाता है.
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व्हाइट राइस का GI ज्यादा होता है, जिससे शुगर जल्दी बढ़ जाती है. अगर इसे बार-बार और ज्यादा मात्रा में खाया जाए तो टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है.
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व्हाइट राइस मुलायम होता है, जल्दी पक जाता है और आसानी से पच भी जाता है. इसलिए इसे अक्सर बच्चों, बुजुर्गों या पेट की समस्या वाले लोगों को दिया जाता है.
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ब्राउन राइस पकने में ज्यादा समय लेता है और इसे ज्यादा चबाना पड़ता है और इसका स्वाद भी हर किसी को पसंद नहीं आता.
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दोनों ही चावल हेल्दी डाइट का हिस्सा हो सकते हैं लेकिन फाइबर ज्यादा और GI कम होने की वजह से ब्राउन राइस को बेहतर माना जाता है. अगर आपको व्हाइट राइस पसंद है तो इसे खाना न छोड़ें बस इसके साथ ज्यादा सब्जियां और प्रोटीन जरूर लें.
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आपको कौन-सा चावल खाना चाहिए, यह आपको अपनी हेल्थ और स्वाद के पसंद के अनुसार डिसाइड करना चाहिए.
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