ये तो स्टेट तय करता है, फिर नोएडा में 'हंगामा' क्यों?

13 April 2026

नोएडा के कई इलाकों में कर्मचारी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं जिसका कारण सैलरी बढ़ना है.

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उनका कहना है कि कई राज्यों में कर्मचारी की सैलरी बढ़ गई है लेकिन नोएडा में हालात अभी भी पुराने हैं.

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रात-दिन मेहनत करने के बाद भी सैलरी इतनी कम है कि परिवार चलाना मुश्किल हो गया है. लेकिन 3 दिन से हो रहे विरोध कहां से शुरू हुआ.

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हरियाणा सरकार ने एक अप्रैल से न्यूनतम मजदूरी में 35 प्रतिशत की बढ़त की है. कर्मचारी ये देख रहे हैं कि पड़ोसी देश में सैलरी बढ़ गई है पर हमारी नहीं. यहीं वजह है कि प्रदर्शन तेज हो गया है.

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ऐसे में आइए जानते हैं कि देश के अलग-अलग राज्यों न्यूनतम मजदूरी क्या है. हरियाणा में नए दर लागू होने के बाद 15,220 रुपये हो गए हैं, जो पहले 11,274 रुपये थी.

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साल 2024-2025 में वेज कोड को मजबूत किया गया है जिसके बाद से न्यूनतम सैलरी को अपडोट किया गया है.

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दिल्ली ने 2025 से अनस्किल्ड के लिए 18,456 रुपये महीना कर दिया. उत्तर प्रदेश ने 1 अक्टूबर से अनस्किल्ड के लिए 11,021 रुपये तय किया.

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राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार ने अपने हिसाब से बढ़ाया है. वेज कोड कहते हैं कि हर साल या दो साल में रिव्यू होना चाहिए.

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साल 2025 में केंद्र ने गाइडलाइन जारी कर बताया था कि A, B और C कैटेगरी वाले शहरों के हिसाब से सैलरी अलग-अलग होनी चाहिए.      

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