19 Nov 2025
क्या विधायकों या सांसदों को भी बीमार होने या कहीं जाने पर छुट्टी लेनी पड़ती है? अगर छुट्टी लेते भी हैं तो उनकी लीव अप्रूव कौन करता है?
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क्या लेनी पड़ती है छुट्टी? दरअसल, जब विधानसभा का सत्र चलता है, उस वक्त विधायकों की अटेंडेंस लगती है.
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अनुच्छेद 190 के खंड (4) के अनुसार, छुट्टी लेने के लिए विधायक को अध्यक्ष को जानकारी देनी होती है और वो ही उनकी छुट्टी अप्रूव करता है.
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इसके साथ ही विधायकों को सत्र के दौरान अटेंडेंस मार्क करनी होती है और अगर 15 दिन अटेंडेंस मार्क नहीं की जाए तो अध्यक्ष को जवाब देना होता है.
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इस स्थिति में अगर अध्यक्ष अटेंडेंस मार्क ना करने की वजह से संतुष्ट हो जाते हैं तो उन दिन को प्रजेंट मार्क किया जाता है.
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इसके अलावा अगर कोई 60 दिन तक सदन में नहीं आता है यानी बिना बताए गायब रहता है तो उसकी सदस्यता पर खतरा हो सकता है. अध्यक्ष उस सीट को खाली भी डिक्लेयर कर सकता है.
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विधायकों की छुट्टियों का ब्यौरा रखने का काम प्रिंसिपल सेकेट्री का होता है और छुट्टी अप्रूव होने पर भी वो ही विधायकों को बताता है.
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लेकिन, सत्र ना चलने की स्थिति में विधायकों की उपस्थिति का कोई नियम नहीं है और ना ही छुट्टी लेनी होती है.
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