22 April 2026
आज वर्ल्ड अर्थ डे है. इस धरती से अपनी जमीं से किसे प्यार नहीं. अगर आप चाहते हैं कि आप हमेशा इस धरती और पर्यावरण की सेवा करें तो आप करियर बनाकर भी कर सकते हैं. आइए जानते हैं कि ग्रीन जॉब्स कैसे आपके लिए सही हैं.
(Photo:Pexels)
जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण की बढ़ती चुनौती के बीच दुनिया भर में “ग्रीन इकोनॉमी” की ओर रुख तेज हो रहा है. ऐसे काम जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के बजाय उसे बचाने, ऊर्जा बचाने या साफ ऊर्जा पैदा करने में मदद करें, उन्हें ग्रीन जॉब्स कहा जाता है.
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भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट नॉन-फॉसिल फ्यूल आधारित ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है. इसमें सोलर, विंड और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे सेक्टर अहम हैं.
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इसी बदलाव के साथ नौकरी के भी नए मौके खुल रहे हैं. काउंसिल ऑफ एनर्जी एनवायर्नमेंट एंड वाटर की रिपोर्ट के मुताबिक 2030 तक रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में लगभग 34 लाख नौकरियां पैदा हो सकती हैं.
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वहीं, ग्रीन हाइड्रोजन मिशन से 6 लाख से ज्यादा स्किल्ड जॉब्स आने का अनुमान है. वहीं इलेक्ट्रिक व्हीकल इकोसिस्टम में 10 मिलियन डायरेक्ट और 50 मिलियन इंडायरेक्ट रोजगार बनने की संभावना है.
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ये आंकड़े बताते हैं कि ग्रीन सेक्टर सिर्फ पर्यावरण की आवश्यकता नहीं, आने वाले दशक का बड़ा रोजगार इंजन भी हैं.
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ग्रीन जॉब्स में सोलर पैनल इंस्टॉलर, विंड टरबाइन टेक्नीशियन, EV सर्विस इंजीनियर, बैटरी मैन्युफैक्चरिंग टेक्नीशियन, एनवायरमेंटल कंसल्टेंट, सस्टेनेबिलिटी मैनेजर वेस्ट मैनेजमेंट एक्सपर्ट और ग्रीन बिल्डिंग डिजाइनर जैसे जॉब शामिल हैं.
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अगर आप 12वीं (साइंस/मैथ्स) के बाद इस सेक्टर में आना चाहते हैं, तो रिन्यूएबल एनर्जी टेक्नोलॉजी सोलर टेक्निशियन ट्रेनिंग इलेक्ट्रिकल या मैकेनिकल डिप्लोमा कर सकते हैं.
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इसके साथ ITI कोर्स इलेक्ट्रिशियन वायरमैन सोलर पैनल इंस्टॉलेशन ट्रेड शामिल हो सकते हैं.
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ग्रेजुएशन के बाद बीटेक/बीई इन इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग बीएससी इन एनवायरमेंटल साइंस या एमटेक इन रिन्यूएबल एनर्जी में कर सकते हैं.
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इसके अलावा कई यूनिवर्सिटीज शॉर्ट-टर्म सर्टिफिकेट कोर्स भी चला रही हैं, जिनसे आप खास स्किल सीख सकते हैं.
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एंट्री लेवल पर सोलर या EV सेक्टर में 2.5 से 4 लाख सालाना पैकेज मिल सकता है. इंजीनियरिंग या मैनेजमेंट बैकग्राउंड के साथ 6 से 12 लाख सालाना तक पहुंच सकता है.
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अनुभव और विशेषज्ञता के साथ पैकेज तेजी से बढ़ सकता है. बता दें कि भारत ही नहीं, पूरी दुनिया क्लीन एनर्जी की ओर बढ़ रही है. सरकार की नीतियां, विदेशी निवेश और निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी इस सेक्टर को मजबूती दे रही हैं.
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विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले 10–15 साल में ग्रीन जॉब्स का दायरा और फैलने वाला है. ऐसे में 12वीं या ग्रेजुएशन के बाद सही दिशा में पढ़ाई और स्किल डेवलपमेंट करने वाले युवाओं के लिए यह शानदार मौका हो सकता है.
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