'धार्मिक' आइंस्टीन को विज्ञान ने बदलकर रख दिया!
By Aajtak Education
14 मार्च 1879 को जन्मे एलबर्ट आइंस्टीन आज भी दुनिया के सबसे महान थ्योरिटिकल फिजिसिस्ट माने जाते हैं.
माता-पिता सेक्युलर, मध्यवर्गीय यहूदी थे. पिता हरमन सेल्समैन थे, बाद में एक इलेक्ट्रो केमिकल फैक्ट्री चलाई.
बचपन में आइंस्टीन बेहद धार्मिक थे. ईश्वर में बहुत आस्था रखते थे. उन्होंने ईश्वर भक्ति के गाने लिखे थे.
बाद में विज्ञान की किताबें पढ़ना शुरू करने के बाद उनकी धार्मिक मान्यताएं ध्वस्त होने लगीं और वह विज्ञान में रुचि लेने लगे.
पिता को हुए व्यापार में नुकसान के चलते उनकी स्कूली पढ़ाई बाधित हुई. इसके बाद भी उन्होंने एंट्रेंस एग्जाम पास कर यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया.
वर्ष 1900 में ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद उन्हें कहीं अच्छी नौकरी नहीं मिली. पिता का व्यापार भी ठप्प हो गया.
वर्ष 1905 को आइंस्टीन का मिरेकल ईयर भी कहा जाता है, जब उन्होंने फिजिक्स पर 4 पेपर पब्लिश किए.
1921 में फिजिक्स के नोबेल प्राइज़ समेत कई पुरस्कार मिले. 18 अप्रैल 1955 को उनकी मौत हो गई.
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