3 March, 2023
By- Business Team
मुकेश और अनिल अंबानी के बीच तय हुई थी ये शर्त, फिर बंटा था करोबार....
मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी अपने पिता धीरूभाई अंबानी के कारोबार को अलग-अलग आगे बढ़ा रहे हैं.
अनिल अंबानी की कई कंपनियां कर्ज के बोझ तले दबी हैं, जिसके चलते उनका कारोबार मुश्किल दौर में है.
जब दोनों भाइयों के बीच कारोबार का बंटवारा हुआ था, तब अनिल अंबानी को मजबूत स्थिति में माना जा रहा था.
पिता धीरूभाई अंबानी की मृत्यु के बाद मुकेश और अनिल अंबानी के बीच कारोबार का बंटवारा हुआ था.
मुकेश को ऑयल रिफाइनरीज और पेट्रोकेमिकल का कारोबार मिला, तो अनिल के हिस्से में टेलीकॉम, फाइनेंस और एनर्जी यूनिट्स आईं थीं.
दोनों भाइयों ने एक-दूसरे से होड़ या प्रतिस्पर्धा नहीं करने के एक समझौते पर साइन भी किए थे.
तय हुआ कि मुकेश टेलीकॉम कारोबार में पैर नहीं रखेंगे, जबकि अनिल ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल से दूर रहेंगे.
दोनों भाइयों के बीच प्रतिस्पर्धा नहीं करने की शर्त 2010 में खत्म हो गई और मुकेश अंबानी ने टेलीकॉम मार्केट में उतरने का फैसला किया.
मुकेश अंबानी ने टेलीकॉम सेक्टर में एंट्री के लिए 7 साल लगाए और 2.5 लाख करोड़ रुपये निवेश किए.
मुकेश अंबानी ने नई कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम के लिए हाई स्पीड 4G वायरलेस नेटवर्क तैयार किया.
मुकेश अंबानी के इस कदम ने एक ही झटके में गांव-गांव तक उनकी पहचान बना दी और जियो नेटवर्क का कारोबार चल निकला.
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