28 July 2026
By: Aaj Tak Auto
अगर आपके पास BS-6 इंजन वाली नई कार या बाइक है, तो जल्द ही आपको हर साल पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUCC) बनवाने की झंझट से राहत मिल सकती है.
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केंद्र सरकार ने ऐसा प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत 6 साल तक पुरानी BS-VI निजी गाड़ियों के लिए PUC की वैधता 1 साल से बढ़ाकर 3 साल करने की तैयारी है.
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इससे वाहन मालिकों का समय और खर्च दोनों बचेंगे, जबकि पुराने वाहनों के लिए जांच पहले की तरह की जाएगी.
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दरअसल, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है. जिसमें इस बदलाव का प्रस्ताव दिया गया है.
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प्रपोजल के अनुसार, 6 साल तक पुरानी BS-VI स्टैंडर्ड वाले प्राइवेट व्हीकल के लिए PUC सर्टिफिकेट की वैलिडिटी 3 साल की जानी चाहिए.
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सरकार का कहना है कि इससे वाहन मालिकों पर अनावश्यक बोझ कम होगा, क्योंकि BS-VI वाहन पहले से ही काफी कम प्रदूषण फैलाते हैं.
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ड्राफ्ट के मुताबिक, 6 से 10 साल पुरानी BS-VI गाड़ियों को तय समय पर अपना PUCC दोबारा बनवाना होगा.
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वहीं 10 साल से ज्यादा पुरानी BS-VI गाड़ियों के लिए भी नियमित अंतराल पर PUC सर्टिफिकेट रेनुअल जरूरी रहेगा.
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सरकार ने पुराने वाहनों के लिए नियम पहले की तरह सख्त रखने का प्रस्ताव दिया है. ड्राफ्ट के अनुसार, BS-IV वाहनों को हर 6 महीने में PUC रिन्यू कराना होगा.
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वहीं BS-I, BS-II और BS-III मानकों वाले वाहनों के लिए हर 3 महीने में नया PUC बनवाना अनिवार्य रहेगा.
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भारत स्टेज यानी BS भारत में लागू व्हीकल इमिशन स्टैंडर्ड है. BS Norms की शुरुआत साल 2000 में हुई थी. इसे पहली बार 'इंडिया 2000' नाम से लागू किया गया था.
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इसके जरिए कार्बन मोनोऑक्साइड (CO), नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx), हाइड्रोकार्बन (HC) और पार्टिकुलेट मैटर (PM) जैसे प्रदूषकों की सीमा तय की जाती है.
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यहां ध्यान देना जरूरी है कि, अभी वैलिडिटी को लेकर ये नया नियम प्रस्तावित है. अभी ये लागू नहीं हुआ है.
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इसलिए नियमों का पालन करें और बिना वैलिड पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट के वाहन न चलाएं. वरना मोटा चालान कट सकता है.
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