27 June 2026
By: Aajtak Auto
घर से निकलते हुए किस वक्त आपके दिमाग में आता है कि अभी निकलना सेफ है या नहीं. ज्यादातर लोग इसके लिए देर रात का वक्त चुनेंगे, लेकिन हकीकत कुछ और है.
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भारत में हर दिन कई सड़क हादसे होते हैं. अगर आप देश की सड़कों पर रात 9 से 10 बजे के बीच निकलते हैं, तो आप सबसे खतरनाक वक्त में सड़क पर होते हैं.
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जूनो जनरल इंश्योरेंस ने इंडिया रोड सेफ्टी रिपोर्ट 2026 में कई खुलासे किए हैं. रिपोर्ट बताती है कि रात 8 बजे के बाद लोगों का ड्राइविंग स्कोर तेजी से गिरता है.
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यानी दोपहर के मुकाबले रात के इस वक्त सड़क पर निकलना ज्यादा खतरनाक हो सकता है. वहीं दोपहर के 1 बजे से 2 बजे तक सड़क सबसे सुरक्षित होती है.
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ये जानकारी जूनो स्मार्टड्राइव ऐप टेलीमेटरी के आधार पर तैयार रिपोर्ट में दी गई है. इसमें 17 राज्यों में 45 लाख ट्रिप्स और 5.5 करोड़ किलोमीटर के सफर को एनालाइज किया गया है.
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रिपोर्ट बताती है कि रोड पर रिस्क सिर्फ डेमोग्राफिक पर नहीं, बल्कि ड्राइविंग स्टाइल पर निर्भर करता है. यहां तक की 80% रोड एक्सीडेंट के लिए बिहेवियरल फैक्टर जिम्मेदार होता है.
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साथ ही महिलाओं और पुरुषों में सुरक्षित ड्राइविंग कौन करता है इस पर भी बड़ा खुलासा हुआ है. दोनों का स्कोर लगभग बराबर है.
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महिलाओं का एवरेज ड्राइविंग स्कोर 92.86 है, जबकि पुरुषों का स्कोर 92.43 है. ड्राइविंग स्कोर पर बदलते मौसम का कोई बड़ा असर नहीं है.
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अचानक ब्रेकिंग और तेज रफ्तार पकड़ना सड़कों को खतरनाक बनाते हैं. भारत में हर साल लगभग 1.73 लाख मौत रोड एक्सीडेंट में होती है.
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