8 October 2026
By: Ashwin Satyadev
CNG कार चलाने वालों के लिए हर बार फ्यूल पंप पर जाना एक बड़ी समस्या होती है. छोटे टैंक के चलते गाड़ी कम ही दूरी चलती है और गैस भराने की नौबत आ जाती है.
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वहीं छोटे शहरों में जहां CNG स्टेशन कम हैं, वहां के लोगों के लिए स्टेशन पर खड़ी गाड़ियों की लंबी कतार एक बड़ी मुश्किल का कारण बनती है.
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अगर आप भी सोचते हैं कि दिन में किसी भी वक्त CNG भरवा लेने से कोई फर्क नहीं पड़ता, तो यह खबर आपके काम की है.
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सुबह जल्दी या देर रात CNG भरवाना बेहतर माना जाता है, क्योंकि इस समय तापमान अपेक्षाकृत कम रहता है.
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टेंप्रेचर कम होने पर गैस अपेक्षाकृत अधिक घनी रहती है, इसलिए छोटे वॉल्यूम के सिलेंडर में अधिक गैस भरी जा सकती है.
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सूरज निकलने से पहले तापमान कम होने के कारण CNG स्टेशन पर रिफ्यूलिंग के लिए यह समय बेहतर माना जाता है.
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दिनभर की गर्मी कम होने के बाद देर रात मौसम का टेंप्रेचर डाउन होने से CNG की डेंसिटी बढ़ने की संभावना रहती है. ये समय भी बेहतर होता है.
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CNG भरवाने में असली खेल प्रेशर का है. जितना ज्यादा प्रेशर होगा उतनी ज्यादा गैस सिलेंडर में भरी जा सकेगी. इसका सीधा फायदा माइलेज में दिखेगा.
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इंडियन ऑयल के अनुसार वाहनों में CNG को करीब 200 kg/cm² के हाई प्रेशर पर स्टोर किया जाता है. ज्यादा रिफिलिंग के लिए हाई प्रेशर होना जरूरी है.
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लगातार कई वाहनों की रिफ्यूलिंग के दौरान स्टेशन का उपलब्ध प्रेशर बदल सकता है, इसलिए कम भीड़ वाले समय पर जाना फायदा दे सकता है.
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पाइपलाइन से जुड़े और बेहतर कंप्रेशन सिस्टम वाले CNG स्टेशन पर गैस की सप्लाई और प्रेशर अधिक स्टेबल रहता है.
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IGL के मुताबिक CNG सिलेंडर हाई प्रेशर के लिए डिजाइन किए जाते हैं और उनमें सुरक्षा के लिए सेफ्टी बर्स्ट डिस्क भी दी जाती है.
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अगर आपके पास विकल्प है, तो सुबह जल्दी या देर रात, जब तापमान कम और स्टेशन पर भीड़ कम हो, CNG भरवाना एक अच्छा समय माना जाता है.
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