23 July 2026
By: Ashwin Satyadev
मारुति सुजुकी भारत की सबसे बड़ी कार कंपनी है और पिछले कई दशकों में इसने करोड़ों ग्राहकों का भरोसा जीता है.
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लेकिन समय के साथ ग्राहकों की पसंद, सरकार के नए नियम और बाजार की बदलती जरूरतों के कारण कंपनी को अपनी कई लोकप्रिय कारों को बंद करना पड़ा.
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इनमें कुछ ऐसी कारें भी शामिल हैं, जिन्होंने भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार को एक नई दिशा दी और अपनी अलग पहचान बनाई.
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आइए जानते हैं Maruti की उन कारों के बारे में जिन्हें कंपनी ने अलग-अलग वजहों से हमेशा के लिए बंद कर दिया. देखें लिस्ट-
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मारुति इग्निस को इसी साल बंद किया गया है. SUV लुक वाली ये हैचबैक 1.0 लीटर इंजन के साथ आती थी. आखिरी समय में इसकी कीमत रुपये थी.
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सियाज को साल 2025 में बंद किया गया. एक समय यह मिड-साइज सेडान सेगमेंट की लोकप्रिय कारों में शामिल थी. इसमें 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन मिलता था.
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कभी देश की सबसे सस्ती कार रही ऑल्टो ने बाजार को ही बदल दिया था. लेकिन सख्त BS6 नॉर्म्स के चलते इसे 2023 में बंद करना पड़ा. इसमें 796 सीसी का इंजन मिलता था.
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S-Cross को साल 2022 में कंपनी ने अलविदा कहा. यह एक क्रॉसओवर SUV थी, लेकिन बाद में इसकी जगह नई Grand Vitara ने ले ली.
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देश की बेस्ट सेलिंग वैन Omni को BS6 नॉर्म्स के चलते साल 2019 में बंद किया गया. इसमें भी 796 सीसी का इंजन मिलता था. ये एक मल्टीपर्पज व्हीकल थी.
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मारुति जिप्सी भी BS6 नॉर्म्स की भेंट चढ़ी और 2019 में बंद कर दी गई. ये SUV अपने स्टाइलिश लुक ऑफ-रोडिंग कैपेसिटी के चलते आर्मी में भी पसंद की जाती थी.
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साल 1993 में पहली बार आई ZEN को पॉकेट रॉकेट भी कहते थें. 1.0 लीटर इंजन वाली ये छोटी कार क्विक पिक-अप के लिए मशहूर थी. इसे 2006 में डिस्कंटीन्यू किया गया.
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1983 में लॉन्च हुई मारुति की पहली कार 800 को कंपनी ने जनवरी 2014 में बंद किया. इस छोटी कार ने आम आदमी को कार मालिक बनने का हौसला दिया था.
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2020 में मारुति ने अपनी सभी डीजल कारों का उत्पादन बंद कर दिया. BS6 नियम लागू होने के बाद डीजल इंजन को अपग्रेड करने की लागत काफी बढ़ गई थी.
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मारुति की छवि हमेशा से ही किफायती कार मेकर की रही है. ऐसे में पुरानी डीजल कारों को अपग्रेड करने से ये कारें आम ग्राहकों के लिए महंगी हो जाती.
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