17 August 2026
By: Ashwin Satyadev
बाइक का माइलेज कम हो रहा है तो अक्सर हमारी नजर पेट्रोल, टायर प्रेशर या राइडिंग स्टाइल पर जाती है, लेकिन इंजन के अंदर घूम रहे तेल (Oil) का क्या?
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इंजन ऑयल भी आपकी बाइक के माइलेज, स्मूथनेस और परफॉर्मेंस पर बड़ा असर डालता है.
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सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि किस ब्रांड (Brand) का इंजन ऑयल अच्छा है, असली सवाल है कि आपकी बाइक के हिसाब से कौन सा ऑयल सही है.
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इंजन ऑयल के बॉटल पर लिखे 10W-30, 10W-40 या 15W-50 जैसे नंबरों का आखिर क्या मतलब होता है? इसे समझना भी उतना ही जरूरी है.
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इंजन ऑयल के बॉटल पर लिखे 10W-30 जैसे नंबर तेल की विस्कोसिटी यानी गाढ़ेपन और अलग-अलग तापमान पर उसके फ्लो करने की क्षमता को बताते हैं.
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इसमें ‘10W’ में W का मतलब विंटर होता है और यह बताता है कि ठंडे इंजन को स्टार्ट करते समय तेल कितना आसानी से फ्लो करेगा.
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वहीं ‘30’ इंजन के सामान्य ऑपरेटिंग टेंप्रेचर पर तेल की विस्कोसिटी को दर्शाता है.
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10W-40 गर्म और सामान्य इंडियन वैदर कंडिशन में कई मोटरसाइकिलों के लिए बेहतर होता है, लेकिन इसे तभी इस्तेमाल करें जब बाइक मैनुअल में दिया गया हो.
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15W-50 ज्यादा गर्म ऑपरेटिंग कंडीशन में बाकियों के तुलना में मोटी ऑयल फिल्म बनाए रखता है. और ये कुछ बड़े या खास इंजन के लिए डिजाइन किया जाता है.
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समझने के लिए बता दें कि, रॉयल एनफील्ड क्लॉसिक 350 या बुलेट जैसे बाइक्स में 15W-50 ग्रेड वाले ऑयल डालने की सलाह दी जाती है.
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20W-40 जैसे ग्रेड्स कुछ कम्यूटर मोटरसाइकिलों में मिलते हैं, लेकिन सिर्फ गर्मी को देखकर 10W-30 की जगह 20W-40 डालना सही नहीं है.
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ठंडे पहाड़ी इलाकों में कम W वाला ग्रेड ऑयल स्टार्टिंग के दौरान फ्लो को बेहतर कर सकता है, लेकिन विस्कोसिटी मैनुअल के अनुसार ही चुनना चाहिए.
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अगर आपकी बाइक पुरानी है तो 'थिक ग्रेड' यानी मोटे ऑयल का चुनाव न करें. हमेशा बाइक कंपनी के मैनुअल को फॉलो करें.
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मैनुअल में दी गई विस्कोसिटी, सही API/JASO स्पेसिफिकेशन और समय पर ऑयल चेंज ही बाइक के परफॉर्मेंस को बेहतर करने का मूल मंत्र है.
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