UP में हजारों करोड़ के 7 एक्सप्रेसवे! इन 5 पर नहीं चलता FASTag एनुअल पास

29 April 2026

By; Ashwin Satyadev

UP बन रहा एक्सप्रेसवे हब

उत्तर प्रदेश तेजी से देश का एक्सप्रेसवे हब बनता जा रहा है. हजारों करोड़ की लागत से बने 7 बड़े एक्सप्रेसवे राज्य की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई दे रहे हैं.

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गंगा एक्सप्रेसवे शुरू

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे 'गंगा एक्सप्रेसवे' का लोकार्पण किया है. जो पश्चिमी यूपी को पूर्वी यूपी से सीधे जोड़ेगा.

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एनुअल पास  को लेकर सवाल

जहां यूपी में एक्सप्रेसवे का बड़ा नेटवर्क बन रहा है वहीं एक बड़ा कन्फ्यूजन भी सामने आया है कि क्या 3075 रुपये वाला FASTag Annual Pass इन सभी एक्सप्रेसवे पर काम करता है?

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क्या है जवाब

जवाब है.... नहीं. उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख एक्सप्रेसवे ऐसे हैं जहां यह एनुअल पास मान्य नहीं है. आइये देखें उन एक्सप्रेसवे की लिस्ट-

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क्या है फास्टैग 

FASTag एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है जो RFID तकनीक पर बेस्ड है. इसे गाड़ी के विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है और टोल प्लाजा पर बिना रुके पेमेंट हो जाता है. 

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एनुअल पास की कीमत

सरकार ने 15 अगस्त 2025 को FASTag सालाना पास लॉन्च किया था. इसकी कीमत उस वक्त 3000 रुपये रखी गई थी, जो अब बढ़कर 3075 रुपये हो गई है. 

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लेकिन है एक बड़ी शर्त

इसमें एक साल या 200 ट्रिप तक टोल फ्री यात्रा की सुविधा मिलती है. लेकिन सबसे बड़ी शर्त यही है कि यह पास सिर्फ उन्हीं सड़कों पर मान्य है जो NHAI के अंतर्गत आती हैं.

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यमुना एक्सप्रेसवे (165 किमी)

करीब 13,000 करोड़ रुपये की लागत में बना ये एक्सप्रेसवे दिल्ली से लखनऊ और नोएडा से आगरा की दूरी कम करता है. इस पर फास्टैग एनुअलपास मान्य नहीं है.

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आगरा-लखनऊ (302 किमी)

15,000 करोड़ रुपये की लागत में बना ये एक्सप्रेसवे अखिलेश यादव का 'ड्रीम प्रोजेक्ट' था. ये  रिकॉर्ड 22 महीनों में बना, जिसने दिल्ली-लखनऊ की दूरी को कम किया.

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पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (341 किमी)

सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 22,494 करोड़ रुपये में इस एक्सप्रेसवे को बनवाया. जो पूर्वी यूपी (गाजीपुर, आजमगढ़) को लखनऊ से जोड़ता है.

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बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे (296 किमी)

ये एक्सप्रेसवे भी योगी सरकार में ही तकरीबन 14,850 करोड़ रुपये में बना है. जो बुंदेलखंड को दिल्ली से जोड़ता है. यहां भी एनुअलपास नहीं चलता है.

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गंगा एक्सप्रेसवे (594 किमी)

36,230 करोड़ रुपये में बना ये एक्सप्रेसवे पूर्वी और पश्चिमी यूपी को जोड़ेगा. इससे मेरठ से प्रयागराज के बीच 12 जिलों को सीधा फायदा होगा. लेकिन यहां भी एनुअल पास काम नहीं करेगा.

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क्यों काम नहीं करता एनुअल पास

केंद्र सरकार के नियम के अनुसार, फास्टैग एनुअल पास राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे (NE) टोल प्लाजाओं पर ही मान्य है.

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यहां नहीं चलेगा

राज्य सरकारों, लोकल एजेंसियों की ओर से मैनेज किए जाने वाले एक्सप्रेसवे, स्टेट हाईवे (SH), इत्यादि के टोल प्लाओं पर सालाना पास एनुअल पास लागू नहीं होगा. 

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राज्य सरकार करती है मैनेज

यूपी के ये पांचों एक्सप्रेसवे राज्य सरकार और लोकल एजेंसियों द्वारा ऑपरेट किए जाते हैं. इसलिए यहां फास्टैग नॉर्मल तरीके से ही चलेगा.

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