10 June 2026
By: Aaj Tak Auto
गुरुग्राम की इलेक्ट्रिक वाहन (EV) स्टार्टअप Blinq Mobility एक ऐसी इलेक्ट्रिक कार पर काम कर रही है, जो भारत के ईवी बाजार की तस्वीर बदल सकती है.
Photo: X/Blinqmobility
कंपनी अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार बाजार में उतारने की तैयारी में है. बताया जा रहा है कि, यह देश की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कारों में से एक बन सकती है.
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सबसे खास बात यह है कि यह कार 3 मिनट से भी कम समय में 250 किलोमीटर तक की ड्राइविंग रेंज देने में सक्षम होगी.
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हालांकि यहां बात फास्ट चार्जिंग की नहीं, बल्कि बैटरी स्वैपिंग तकनीक की हो रही है. ये देश की पहली कार होगी जो बैटरी स्वैपिंग तकनीक के साथ आएगी.
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Blinq Mobility इस कार में बैटरी स्वैपिंग तकनीक इस्तेमाल कर रही है. यानी बैटरी को चार्ज करने के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
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जब भी बैटरी खत्म होगी, तो उसे अधिकृत स्वैपिंग स्टेशन पर पूरी तरह चार्ज बैटरी से बदल दिया जाएगा.
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हाल ही में कंपनी ने अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें बैटरी स्वैपिंग का पूरा प्रोसेस दिखाया गया है.
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फिलहाल कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक कार के आधिकारिक नाम का खुलासा नहीं किया है. अभी इसकी टेस्टिंग 'Car 001' के नाम से की जा रही है.
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वीडियो में यह कार लगभग प्रोडक्शन-रेडी मॉडल जैसी दिखाई देती है. कार का लुक और डिज़ाइन कुछ हद तक आपको टाटा नैनो की याद दिला सकता है.
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कार के अंदर बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम नजर आता है, जिसमें बैटरी से जुड़ी जानकारी और नजदीकी स्वैपिंग स्टेशन का लोकेशन भी दिखाई देता है.
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कार की बैटरी साइज में बड़ी और तकनीकी रूप से ज्यादा जटिल होती है, इसलिए स्वैपिंग (अदला-बदली) पूरी तरह ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए की जाती है.
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कंपनी ने गुरुग्राम में ऐसा एक स्वैपिंग स्टेशन तैयार किया है. यहां कार को एक स्पेशल रैंप पर खड़ा किया जाता है.
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इसके बाद ड्राइवर कार में दिए गए खास 'S Mode' को एक्टिव करता है. फिर मशीनों की मदद से कार के पहियों को लॉक कर दिया जाता है.
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ये सिस्टम पुरानी बैटरी को सावधानीपूर्वक अलग करके बाहर निकालता है, और उसकी जगह नई चार्ज बैटरी लगा दी जाती है.
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नई बैटरी लगाने के बाद सिस्टम कई सेफ्टी टेस्ट भी करता है. सभी टेस्ट पूरे होने के बाद कार दोबारा चलने के लिए तैयार हो जाती है.
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कंपनी द्वारा शेयर किए गए वीडियो के मुताबिक बैटरी स्वैपिंग का पूरा प्रोसेस सिर्फ 2 मिनट 48 सेकंड में पूरी हो जाता है. यानी 3 मिनट से भी कम समय में.
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ब्लिंक मोबिलिटी को IIT दिल्ली के पूर्व छात्र निकेश बिष्ट ने की है. कंपनी के मुख्य तकनीकी अधिकारी (CTO) अंकित कुमार हैं, जो पहले Tesla में काम कर चुके हैं.
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फिलहाल कंपनी का प्रोटोटाइप गुरुग्राम की सड़कों पर टेस्ट किया जा रहा है. उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इसका प्रोडक्शन रेडी मॉडल भी देखा जाएगा.
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