07 May 2026
By: Aajtak Auto
कार हो या बाइक, पेट्रोल पंप पर आपकी थोड़ी की चूक भारी पड़ सकती है. पेट्रोल पंप पर कई तरह के फ्रॉड्स का शिकार लोग अक्सर हो जाते हैं.
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हालांकि, इनमें से ज्यादातर फ्रॉड्स से सिर्फ कुछ बातों का ध्यान रखकर बचा जा सकता है. यानी यहां मामला सावधानी का है. सावधानी हटी तो जेब कटी.
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किसी पंप पर आपके साथ फ्रॉड सिर्फ कम पेट्रोल डालकर ही नहीं बल्कि कई दूसरे तरीकों से भी हो सकता है. हम ऐसे ही कुछ तरीकों की यहां बात करेंगे.
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सबसे पहले आपको तेल की डेंसिटी देखनी चाहिए. भारत में पेट्रोल की डेंसिटी 730 से 775 Kg/m3 और डीजल की 820 से 870Kg/m3 होनी चाहिए.
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जीरो देखने की आदत सभी की होती है, लेकिन असली खेल होता है मीटर रीडिंग का तेजी से बढ़ना. कई बार पंप कर्मचारी आपको बातों में उलझाने की कोशिश करेंगे.
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ऐसी स्थिति में वे आपकी गाड़ी में एक फिक्स अमाउंट का तेल डालते हैं और जब आप ज्यादा तेज के लिए कहते हैं, तो वे बातों में उलझाकर जीरो किए बिना दोबारा फ्यूल भर देते हैं.
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अगर आपको लग रहा है कि आपकी गाड़ी में कम पेट्रोल है, इसमें शॉर्ट डिलीवरी फ्रॉड हो सकता है. ऐसे मामलों में मशीन से छेड़छाड़ हुई होती है.
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इसके लिए पेट्रोल पंप पर 5 लीटर टेस्ट किया जाता है. हर पेट्रोल पंप पर 5 लीटर का माप रखना जरूरी होता है. आप उसे तेल मशीन के साथ कंपेयर करने की मांग कर सकते हैं.
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कई बार फ्यूल भरने वाला कर्मचारी आपकी गाड़ी में गलत फ्यूल भर देता है. यानी आपने नॉर्मल पेट्रोल के लिए बोला और कर्मचारी ने हाई ऑक्टेन का पेट्रोल भर दिया.
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अगर आप किसी पंप के खिलाफ शिकायत करना चाहते हैं, तो पंप मैनेजर, कंपनी के कस्टमर केयर या पेट्रोलियम मंत्रालय के वेबसाइट पर शिकायत कर सकते हैं.
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