09 Feb 2026
आजतक एग्रीकल्चर डेस्क
सफेद कद्दू को काफी हेल्दी माना जाता है. इसे कई विंटर मेलन या ऐश गार्ड या पेठा के नाम से भी जाना जाता है.
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सेहत के लिए बेहद फायदेमंद सफेद कद्दू की खेती करना लाभदायक साबित हो सकता है. इसके बेहतर उत्पादन के लिए उच्च गुणवत्ता वाले बीजों का चयन करें.
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इस खास किस्म के 5 ग्राम बीज मात्र 20 रुपये में मिल जाते हैं. सफेद कद्दू की काशी धवल किस्म के बीज अच्छे माने जाते हैं, जिसे आप ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं.
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‘काशी धवल’ सफेद कद्दू की एक उच्च उत्पादक किस्म मानी जाती है, जिसे इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (ICAR) ने विकसित किया है.
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इस किस्म की बेलें आमतौर पर 7.5 से 8 मीटर तक फैलती हैं, जबकि इसके फल का औसत वजन लगभग 11 से 13 किलो तक होता है.
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सफेद कद्दू की फसल के लिए बलुई दोमट मिट्टी अच्छी होती है. इसे फरवरी-मार्च या जून-जुलाई में बोया जाता है.
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मिट्टी को गोबर की खाद (40-50 कुंतल/हेक्टेयर) के साथ तैयार कर लें और 5-6 फीट की दूरी पर बेड बनाकर बोएं.
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बीज बोने के 2-3 सप्ताह बाद पहली निराई-गुड़ाई करें. बेलें फैलने पर खरपतवार हटाएं, साथ ही कीड़ों से फसल को बचाने के लिए कीटनाशक का छिड़काव जरूर करें.
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बीज बोने से लेकर फसल की कटाई तक इसमें लगभग 120 दिन यानी महज 4 महीने का समय लगता है. जब फल पर सफेद चूर्ण की परत दिखें, तब कटाई करें.
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