क्या गार्डन के लिए नुकसानदायक है जरूरत से ज्यादा मल्चिंग?

26 May 2026

आजतक एग्रीकल्चर डेस्क

गार्डन में मल्चिंग यानी सूखी पत्तियां, लकड़ी के बुरादे, घास या भूसे की परत बिछाना मिट्टी की नमी बनाए रखने और खरपतवार रोकने के लिए फायदेमंद माना जाता है लेकिन अगर मल्च जरूरत से ज्यादा डाल दी जाए, तो यह पौधों को नुकसान भी पहुंचा सकती है.

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विशेषज्ञों के अनुसार, बहुत मोटी मल्च की परत मिट्टी तक हवा और पानी पहुंचने से रोक देती है. इससे जड़ों में सड़न, फंगस और कीड़ों की समस्या बढ़ सकती है.

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कई बार मिट्टी लंबे समय तक जरूरत से ज्यादा गीली रहती है, जिससे पौधों की बढ़त धीमी पड़ जाती है.

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पेड़ों के तनों के आसपास मल्च का ढेर लगाना भी नुकसानदायक माना जाता है. इसे “मल्च ज्वालामुखी” कहा जाता है. इससे पेड़ का तना सड़ सकता है और धीरे-धीरे पौधा कमजोर होने लगता है.

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गार्डनिंग विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मल्च की परत 2 से 4 इंच तक ही रखनी चाहिए. साथ ही मल्च को पौधे या पेड़ के तने से थोड़ा दूर फैलाना बेहतर होता है.

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लैवेंडर, रोजमेरी और रसीले पौधे जैसे कुछ पौधे ज्यादा मल्च पसंद नहीं करते, क्योंकि इन्हें सूखी और हवादार मिट्टी की जरूरत होती है. ऐसे पौधों में ज्यादा मल्च नमी रोक देती है, जिससे पौधे खराब हो सकते हैं.

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