20 June 2026
आजतक एग्रीकल्चर डेस्क
नर्सरी से लाया गया पौधा अक्सर प्लास्टिक पॉट और बहुत कसी हुई मिट्टी में होता है, जिससे उसकी जड़ों को सही हवा और जगह नहीं मिल पाती.
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अगर ऐसे पौधे को बिना तैयारी के सीधे बड़े गमले में लगा दिया जाए, तो वह तनाव में आकर मुरझा सकता है या धीरे-धीरे सूख भी सकता है इसलिए सही तरीका अपनाना बहुत जरूरी है.
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सबसे पहले पौधे को तुरंत ट्रांसप्लांट न करें. उसे 2–3 दिन हल्की छांव में रखें ताकि वह नए माहौल में धीरे-धीरे एडजस्ट हो सके. इसके बाद ही उसे नए गमले में शिफ्ट करें.
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पौधे को निकालते समय जड़ों को बहुत सावधानी से देखें. अगर जड़ें बहुत ज्यादा उलझी या गोल घूमी हुई हों, तो उन्हें हल्के हाथ से थोड़ा सा ढीला करें ताकि वे बाहर की तरफ फैल सकें.
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हल्की, हवादार और पोषक मिट्टी पौधे की ग्रोथ के लिए जरूरी है. कोकोपीट, गार्डन मिट्टी, वर्मी कम्पोस्ट और थोड़ी रेत मिलाकर बनाया गया पॉटिंग मिक्स सबसे अच्छा माना जाता है. इससे पानी का सही निकास होता है और जड़ें सड़ती नहीं हैं.
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पौधा लगाने के बाद हल्का पानी दें ताकि मिट्टी सेट हो जाए लेकिन शुरुआत में ज्यादा पानी न दें, क्योंकि इससे जड़ें खराब हो सकती हैं. शुरुआती 4–5 दिन पौधे को सीधी तेज धूप से बचाना चाहिए, वरना पत्ते झुलस सकते हैं.
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लगभग 10–15 दिन बाद आप हल्की जैविक खाद दे सकते हैं, जिससे पौधे की जड़ें और पत्तियां तेजी से मजबूत होती हैं.
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अगर ये छोटे-छोटे कदम सही तरीके से अपनाए जाएं, तो नर्सरी से लाया गया पौधा सूखने की बजाय जल्दी सेट होकर हरा-भरा और स्वस्थ बन जाता है.
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