1 July 2026
आजतक एग्रीकल्चर डेस्क
मॉनसून के दौरान हवा में नमी और मिट्टी में पानी की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे कुछ पौधों की जड़ें कमजोर होकर सड़ने लगती हैं. खासकर जिन पौधों को ड्राई और कम पानी वाली परिस्थितियां पसंद होती हैं, वे इस मौसम में जल्दी खराब हो जाते हैं.
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बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय कैक्टस, डेजर्ट रोज, कुछ बोनसाई पौधे और नए ग्राफ्टेड पौधे विशेष रूप से संवेदनशील होते हैं.
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इन पौधों को ज्यादा पानी या लगातार गीली मिट्टी बिल्कुल पसंद नहीं होती, जिससे इनमें फंगल इंफेक्शन और रूट रॉट का खतरा बढ़ जाता है.
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कैक्टस और डेजर्ट रोज जैसे पौधे रेगिस्तानी वातावरण के आदि होते हैं, इसलिए लगातार बारिश या ज्यादा नमी में ये जल्दी गल सकते हैं.
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वहीं बोनसाई पौधों की जड़ें सीमित गमले में होती हैं, जिससे पानी जमा होने पर नुकसान तेजी से होता है.
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इसके अलावा नए ग्राफ्टेड पौधे भी इस मौसम में काफी नाजुक होते हैं. ग्राफ्टिंग के बाद इन्हें स्थिर और नियंत्रित वातावरण की जरूरत होती है, जबकि मॉनसून की नमी और बारिश इनके जॉइंट को कमजोर कर सकती है.
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इसी वजह से सलाह दी जाती है कि मॉनसून में इन पौधों की खरीद और रोपाई से बचें, या फिर इन्हें पूरी तरह नियंत्रित ड्रेनेज और शेड वाले वातावरण में ही रखें.
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