05 June 2026
आजतक एग्रीकल्चर डेस्क
घरों में रोज निकलने वाले फल और सब्जियों के छिलके, चायपत्ती, कॉफी पाउडर और सूखे पत्ते अक्सर कूड़ेदान में फेंक दिए जाते हैं लेकिन इन्हीं चीजों से पौधों के लिए पोषक तत्वों से भरपूर ऑर्गेनिक खाद तैयार की जा सकती है.
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बागवानी विशेषज्ञ इस खाद को "ब्लैक गोल्ड" भी कहते हैं, क्योंकि यह मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और पौधों की बेहतर ग्रोथ में मदद करती है.
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ऑर्गेनिक खाद बनाने के लिए केले, सेब, संतरे और अन्य फलों के छिलके, सब्जियों के अवशेष, चायपत्ती, कॉफी ग्राउंड्स और सूखे पत्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है.
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किसी पुराने ड्रम, बाल्टी या कम्पोस्ट बिन में सबसे पहले सूखे पत्तों या कागज की एक परत बिछाएं. इसके ऊपर किचन वेस्ट डालें और फिर सूखी सामग्री की एक और परत लगाएं.
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कम्पोस्ट को समय-समय पर हिलाते रहें और हल्की नमी बनाए रखें. इससे कचरा जल्दी सड़कर खाद में बदल जाता है.
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मांस, मछली, डेयरी उत्पाद, तेलयुक्त खाद्य पदार्थ, प्लास्टिक और कांच जैसी चीजों को कम्पोस्ट में नहीं डालना चाहिए, क्योंकि इससे बदबू और कीटों की समस्या हो सकती है.
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कुछ हफ्तों या महीनों बाद यह मिश्रण गहरे भूरे रंग की भुरभुरी खाद में बदल जाता है, जिसे गमलों, किचन गार्डन और फूलों वाले पौधों में इस्तेमाल किया जा सकता है.
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ऑर्गेनिक खाद मिट्टी की जल धारण क्षमता बढ़ाती है, जड़ों को मजबूत बनाती है और पौधों को धीरे-धीरे पोषण उपलब्ध कराती है.
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नियमित रूप से कम्पोस्ट का इस्तेमाल करने से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम हो सकती है और पौधे लंबे समय तक स्वस्थ बने रहते हैं.
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